अमेरिकी संसद के उच्च सदन (सीनेट) ने युद्ध में घिरे इस्राइल और यूक्रेन को मदद मुहैया कराने के लिए 9.7 लाख करोड़ रुपये (118.2 अरब डॉलर) के पैकेज पर मुहर लगा दी। सीनेट में इस पैकेज को डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों के सांसदों का समर्थन मिला।
सीनेट में पास होने के बाद अब रूस से युद्ध में घिरे यूक्रेन और गाजा पट्टी में हमास के साथ संघर्ष कर रहे इस्राइल को आर्थिक और रक्षा सामग्री में मदद मिलने का रास्ता साफ हो गया है। संसद में पास हुए प्रस्ताव के तहत अमेरिका अब कुल राशि में से लगभग आधी यानी 60.1 अरब डॉलर (करीब 4 लाख 98 हजार करोड़ रुपये) की राशि यूक्रेन की मदद के लिए तय की गई है। वहीं, इस्राइल की मदद के लिए 14.1 अरब डॉलर (करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये) तय किए गए हैं।
इतना ही नहीं अमेरिका ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 20.2 अरब डॉलर (करीब 1.67 लाख करोड़ रुपये) की राशि आवंटित की है। अमेरिकी संसद ने इन खर्चों के अलावा लाल सागर और ताइवान जैसे क्षेत्रों में रक्षा अभियानों के लिए भी पैकेज से ही छोटे-छोटे फंड्स तय किए हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने इससे पहले अक्तूबर में 105 अरब डॉलर का पैकेज तय किया था। यूक्रेन, इस्राइल और ताइवान की मदद के लिए सीनेट में जिस पैकेज पर मुहर लगी है, उसे बाइडन के प्रस्ताव पर बड़ी सहमति माना जा रहा है। हालांकि, इसमें अमेरिकी बॉर्डर सुरक्षा के लिए अतिरिक्त मदद का प्रावधान किया गया, जिस पर सत्तासीन डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टी में सहमति नहीं बन पा रही थी।