इस्राइल और हमास के बीच दो सप्ताह से युद्ध जारी है, जिसमें अब तक करीब 4000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा कि गाजा में सहायता सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने इसके लिए इस्राइल और मिस्र की सरकारों के साथ काम भी किया है।
सहायता पहुंचाने के लिए योजना करेंगे विकसित
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह युद्ध को लेकर मैं विभिन्न देशों की यात्रा पर था। इस दौरान गाजा में सहायता पहुंचाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक था। सहायता पहुंचाने के लिए हम एक योजना विकसित करेंगे। योजना पर राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी इस्राइल दौरे के दौरान मुहर लगाई थी। अमेरिका, मिस्र और इस्राइल के साथ-साथ मध्य पूर्व मानवीय मुद्दों के लिए विशेष दूत डेविड सैटरफील्ड के साथ काम कर रहा है। जल्द ही आपको इसमें विकास दिखेगा।
कतर सरकार को कहा धन्यवाद
इसके अलावा, हमास द्वारा अमेरिका के दो बंधकों को छोड़ने के मामले में भी ब्लिंकन ने टिप्पणी की। उन्होंने बंधकों को छुड़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कतर सरकार का शुक्रिया अदा किया। ब्लिंकन ने कहा कि इस्राइल में अमेरिकी दूतावास की टीम जल्द ही शिकागो के रहने वाले दो अमेरिकी बंधकों- मां और बेटी से मुलाकात करेगी, जिन्हें सात अक्तूबर को हमास ने इस्राइल से बंधक बना लिया था। उन्होंने कहा कि कई देशों के लगभग 200 अन्य बंधकों में अभी भी 10 अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। ब्लिंकेन ने कहा कि हमास को सभी बंधकों को रिहा करना चाहिए।
युद्ध में अमेरिका के यह चार उद्देश्य
इससे पहले, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि इस युद्ध में हमारे चार मुख्य उद्देश्य हैं। पहला कि हम इस्राइल के साथ हैं। दूसरा- किसी और देश में युद्ध के कारण संघर्ष न हो। तीसरा- अमेरिकी नागरिकों सहित इस्राइली बंधकों की रिहाई हो। चौथा- गाजा में मौजूद मानवीय संकटों को हल किया जाए। हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि हम स्पष्ट करें कि हम कल भी इस्राइल के साथ थे, आज भी इस्राइल के साथ हैं, कल भी इस्राइल के साथ ही रहेंगे। हर दिन हम इस्राइल के साथ हैं।
युद्ध के कारण ब्लिंकन ने की छह देशों की यात्रा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ब्लिंकन मिस्र से पहले जॉर्डन, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब की यात्रा कर चुके हैं। यात्राओं को लेकर ब्लिकंन ने कहा कि छह देशों की यात्रा का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि हम यह देख सकें कि हमारे अन्य साथी युद्ध को कैसे देख रहे हैं। हम समझना चाहते हैं कि हमारे साथी युद्ध के बारे में क्या सोचते हैं। हम यह जानना चाहते थे कि संकट की घड़ी में मिलकर हम लोग क्या कर सकते हैं।