पेंटागन ने बुधवार को बताया कि अमेरिकी अभियोजक 09/11 के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद के साथ एक समझौता किया। इस समझौते के तहत अमेरिका मास्टरमाइंड खालिद शेख द्वारा आरोप स्वीकार करने के बदले मौत की सजा खत्म करने के तैयार है। यह समझौता लंबे समय से चल रहे मामलों के समाधान में किया गया। पेंटागन की तरफ से जारी बयान के अनुसार, फिलहाल इस प्रस्ताव से जुड़े किसी भी विवरण को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
पिछले साल भी ऐसा ही प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन 11 सितंबर 2001 के हादसे में मारे गए करीब 3000 लोगों के परिवारवालों का मानना था कि आरोपियों को मौत की ही सजा होनी चाहिए। हालांकि, खालिद शेख और दो अन्य आरोपियों के लंबे समय से चल रहे मामलों के समाधान में यह समझौता किया गया है। ये वर्षों तक क्यूबा के ग्वांतानामो बे सैन्य अड्डे पर कैद रहे।
सीआईए की जेलों में तीन साल रखा गया
अमेरिकी मीडिया ने बताया कि खालिद शेख मोहम्मद, वालिद बिन अताश और मुस्तफा अल-हवसावी ने आजीवन कारावास की सजा के बदले साजिश का दोष स्वीकार करने पर सहमति व्यक्त की थी। मार्च 2003 में पाकिस्तान में पकड़े जाने से पहले खालिद शेख मोहम्मद को अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का सबसे भरोसेमंद व्यक्ति माना जाता था। साल 2006 में ग्वांतानामो पहुंचने से पहले उसने गुप्त सीआईए जेलों में तीन साल बिताया।
खालिद शेख ने बताया कि वह 9/11 के हमलों का मास्टरमाइंड था। इसके अलावा वह अमेरिका के खिलाफ कई साजिशों में भी शामिल था। बता दें कि उसने अमेरिका की यूनिवर्सिटी से ही अपनी पढ़ाई पूरी थी। ट्विन टावर को गिराने की योजना बनाने के अलावा खालिद शेख ने दावा किया कि उसने 2002 में अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल का सिर काट दिया था। इसके अलावा 1993 में उसने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में भी बमबारी में की थी, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी।