उत्तर कोरिया ने हाल ही में दो गुप्त प्रक्षेपणों में अपनी अब तक की सबसे बड़ी अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) प्रणाली का इस्तेमाल किया है।
अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम पहली मिसाइल को लांच करने के बाद उत्तर कोरिया ने 2017 में आईसीबीएम और परमाणु के ऐसे परीक्षण रोक दिए थे। बता दें कि उत्तर कोरिया द्वारा बढ़े तनाव के बीच दक्षिण कोरिया में नए राष्ट्रपति चुने गए हैं।
अमेरिका और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने अब चेताया है कि उत्तर कोरिया जल्द ही पूरी क्षमता के साथ और परीक्षण भी कर सकता है। मौजूदा हालात दक्षिण कोरिया के नए चुने गए राष्ट्रपति यून सुक-इयोल के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
उन्होंने कहा, उत्तर द्वारा किसी भी हमले का मुकाबला करने की स्थिति में कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ेगा। उन्होंने अमेरिकी थाड मिसाइल इंटरसेप्टर खरीदने का संकल्प भी लिया।
साथ ही कहा कि रुकी हुई परमाणु निशस्त्रीकरण वार्ता को फिर से शुरू करने का विकल्प भी खुला रहेगा। इस बीच, अमेरिकी रक्षा मुख्यालय (पेंटागन) के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि इस तरह के परीक्षण गंभीर हैं। बाइडन प्रशासन ने प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी मिसाइल रक्षा और सैन्य निरीक्षण बलों को पूर्ण क्षमता के परीक्षण की तैयारी के चलते तैयार रहने को कहा है।
उत्तर कोरिया पर अमेरिका ने लगाए और प्रतिबंध
उत्तर कोरिया द्वारा अंतर महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण के तहत किए गए दो परीक्षणों के बाद अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने उस पर और प्रतिबंध लगा दिए हैं। वित्त मंत्रालय ने 4 मार्च को हुए मिसाइल परीक्षण को रेखांकित करते हुए तीन रूसी संस्थानों को इसमें मदद करने के आरोप में प्रतिबंधित करने की घोषणा की। ये कंपनियां हैं- एपोलॉन, जील-एम और आरके ब्रिज। इन कंपनियों से जुड़े दो लोगों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
इन प्रतिबंधों के चलते ये कंपनियां अमेरिका में अपनी संपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। वहीं, दक्षिण कोरिया ने कहा है कि उसे उत्तर कोरियाई परमाणु परीक्षण स्थल की पुरानी सुरंगों की मरम्मत के संकेत मिले हैं। इन सुरंगों को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच 2018 में हुई बातचीत के कई माह पहले ध्वस्त कर दिया गया था।