अमेरिका ने यूरोपियन यूनियन (ईयू) पर डिजिटल कंपनियों पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव छोड़ देने के लिए दबाव बढ़ा दिया है। उसने ये साफ संदेश दिया है कि डिजिटल टैक्स का प्रस्ताव 100 बड़ी कंपनियों पर वैश्विक न्यूनतम टैक्स (ग्लोबल मिनिमम टैक्स) लगाने की योजना के खिलाफ है। उसके मुताबिक इससे ग्लोबल मिनिमम टैक्स लागू करने में रुकावट आएगी। आयरलैंड के अखबार द आयरिश टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बारे में अमेरिकी और ईयू अधिकारियों के बीच बातचीत हुई है। अब अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन अगले हफ्ते ब्रसेल्स में यूरो ग्रुप के वित्त मंत्रियों से मिलेंगी।
येलेन ने मंगलवार को यूरोपीय आयोग की डिजिटल और प्रतिस्पर्धा नीति मामलों के उपाध्यक्ष मार्गरेट वेस्टेगर से बात की। आयोग के बयान के मुताबिक इस सिलसिले में हुई ये पहली बातचीत रचनात्मक रही। उधर अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया कि ईयू का डिजिटल टैक्स लगाने का प्रस्ताव ग्लोबल मिनिमम टैक्स के प्रस्ताव के विपरीत है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि ग्लोबल मिनिमम टैक्स के प्रस्ताव पर शुक्रवार और शनिवार को जी-20 देशों के वित्त मंत्री इटली के शहर वेनिस में विस्तार से चर्चा करेंगे।
उधर ईयू के अधिकारियों का कहना है कि ग्लोबल मिनिमम टैक्स के तहत उनकी टैक्स योजना के कई पहलू शामिल नहीं होंगे। ईयू अधिकारी डिजिटल टैक्स लगाने के बारे में 2018 से लगातार विचार-विमर्श करते रहे हैं। ईयू अधिकारियों ने यह भी कहा है कि ईयू अपनी टैक्स योजना के जरिए अमेरिकी कंपनियों को निशाना बना रही है, ये समझ गलत है। बल्कि इस टैक्स योजना के दायरे में सैकड़ों ऐसी कंपनियां आएंगी, जो अमेरिकी नहीं हैं।
ईयू के व्यापार मामलों के कार्यकारी उपाध्यक्ष वाल्दिस डोमब्रोव्सकिस ने कहा है कि डिजिटल टैक्स लगाने की योजना पर लगातार विचार हो रहा है। ईयू को भरोसा है कि उसका ग्लोबल मिनिमम टैक्स की व्यवस्था से कोई टकराव नहीं होगा। उन्होंने कहा- ‘हम अपने वैश्विक सहभागियों के साथ डिजिटल टैक्स व्यवस्था इस रूप में लागू करने पर विचार कर रहे हैं, जिससे ग्लोबल मिनिमम टैक्स में कोई दखल ना पड़े। हम अपनी व्यवस्था को उस प्रस्तावित व्यवस्था की पूरक मानते हैं, जिसके तहत और भी बड़े दायरे की कंपनियां आएंगी।’
उधर अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ईयू की मुश्किल स्थिति का अंदाजा है। उनके ईयू अधिकारियों ने वादा किया था कि कोरोना वायरस राहत पैकेज के लिए धन का एलान करने के साथ ही वे डिजिटल टैक्स की योजना घोषित कर देंगे। ये काम इसी महीने करने का लक्ष्य है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अब चूंकि ग्लोबल मिनिमम टैक्स योजना पर सहमति बन गई है, इसलिए ईयू को डिजिटल टैक्स नहीं लगाना चाहिए।
खबरों के मुताबिक डिजिटल टैक्स योजना की दिशा में आगे बढ़ने के लिए यूरोपीय आयोग पर यूरोपीय संसद का भारी दबाव है। यूरोपीय संसद के सदस्यों की राय है कि यूरोप को राजस्व का अपना स्रोत बनाना चाहिए। इसी कारण यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उरसुला वॉन डेर लियेन ने पिछले महीने कहा था कि डिजिटल टैक्स का ग्लोबल मिनिमम टैक्स योजना से कोई टकराव नहीं है। हालांकि उन्होंने यह संकेत भी दिया था कि ईयू इस मामले में अमेरिका के साथ समझौता करने को तैयार है। इस बीच अमेरिका का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में ये मुद्दा क्या मोड़ लेता है, पर्यवेक्षकों की निगाह उसे देखने पर टिकी हुई हैं।