दुनियाभर में एमपॉक्स वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अमेरिका लगातार कड़े कदम उठा रहा। उसने एमपॉक्स के एक नए प्रकार के लिए परीक्षण और निगरानी को बढ़ा दिया है। साथ ही यह सुनिश्चित किया है कि स्थानीय फार्मेसियों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीके आसानी से उपलब्ध हों।
अधिकारियों ने कसी कमर
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका में वायरस के अधिक संक्रामक प्रकार के किसी भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञ फिर भी आगे की संभावना को लेकर कमर कस रहे हैं।
डब्ल्यूएचओ ने किया आपातकाल घोषित
दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने 14 अगस्त को तेजी से फैल रहे एमपॉक्स वायरस (जिसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था) को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था। यह दो सालों में दूसरी ऐसी घोषणा है।
क्लेड आईबी नाम के नए स्ट्रेन ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में मामलों में बड़ी वृद्धि की है। स्वीडन और थाईलैंड दोनों में यात्रा से संबंधित मामलों की पुष्टि हुई है।
एमपॉक्स के जांच का आदेश
अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ आधिकारियों का कहना है कि कोई भी अमेरिकी डॉक्टर अब एमपॉक्स के जांच का आदेश दे सकता है, जिसे राष्ट्रीय प्रयोगशाला श्रृंखलाओं के माध्यम से संसाधित किया जा सकता है। सकारात्मक परीक्षण जो एमपॉक्स के पुराने स्ट्रेन नहीं हैं, उन्हें पुष्टि के लिए अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र को भेजा जाएगा।
एक दिन में करीब तीन मामले सामने आए
मिशिगन के वेन काउंटी में स्वास्थ्य अधिकारियों ने पिछले महीने एमपॉक्स के एक नए मामले की सूचना दी थी, लेकिन अतिरिक्त परीक्षण से पता चला कि यह पुराने स्ट्रेन से था, जिसे क्लेड II के रूप में जाना जाता है। वर्तमान में, संयुक्त राज्य अमेरिका क्लेड II वायरस से एमपॉक्स के एक दिन में लगभग तीन मामले आना जारी थे, जिसके कारण 2022 में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल पैदा हुआ था।
क्या है एमपॉक्स?
डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट के अनुसार, एमपॉक्स वायरस एक ऑर्थोपॉक्स वायरस है, जो चेचक के समान लक्षणों वाली बीमारी है, हालांकि कम गंभीर है।
इस देश से फैलना शुरू हुआ मंकीपॉक्स
मौजूदा समय में दुनिया भर के देशों में इस बीमारी के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, मंकीपॉक्स की शुरुआत अफ्रीका के कांगो से शुरू हुई। इस देश से ये वायरस दूसरे देशों में अपने पांव पसार चुका है। कांगो में मंकीपॉक्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इसे रोकने के लिए अफ्रीका द्वीप पर वैक्सीन भी थोड़ी ही मौजूद है।
लक्षण पहचानने जरूरी: मंकीपॉक्स के लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए, ताकि आप समय रहते डॉक्टर से संपर्क कर सकें। आप नीचे देख सकते हैं कि
मंकीपॉक्स के लक्षण क्या हैं...
- तेज बुखार आना
- मांसपेशियों और पीठ में दर्द होना
- तेज सिर दर्द और सूजन होने पर
- बुखार कम होने पर शरीर में चकत्ते हो जाना
एमपॉक्स के बने रहने की अवधि पांच से 21 दिनों तक हो सकती है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, बुखार आमतौर पर एक से तीन दिनों तक रहता है। इसके बाद शरीर पर दाने होने लगते हैं, जो दो से चार सप्ताह तक रह सकते हैं।
एमपॉक्स कैसे फैलता है?
- घावों के सीधे संपर्क में आने से: संक्रमित व्यक्ति के घावों को छूने से या उनसे निकलने वाले द्रवों के संपर्क में आने से यह वायरस फैल सकता है।
- संक्रमित वस्तुओं के संपर्क में आने से: संक्रमित व्यक्ति द्वारा छुए गए कपड़े, बिस्तर, बर्तन या अन्य वस्तुओं के संपर्क में आने से भी यह वायरस फैल सकता है।
- मां से बच्चे में: गर्भावस्था के दौरान या प्रसव के समय संक्रमित मां से बच्चे में यह वायरस फैल सकता है।
- शारीरिक संबंध: यौन संबंध के दौरान भी यह वायरस फैल सकता है।