अमेरिकी सेना के मेजर जनरल विलियम 'हैंक' टेलर ने शुक्रवार को कहा कि अभी भी काबुल एयरपोर्ट पर ऐसे करीब 5400 लोग हैं जो अफगानिस्तान से बाहर निकलने के लिए विमानों का इंतजार कर रहे हैं। हमारे पास यहां से निकलने वाले लोगों को अमेरिकी सैन्य एयरलिफ्ट में शामिल करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि आईएस हमें इस अभियान को पूरा करने से रोक नहीं पाएगा। बता दें कि गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट पर हुए सिलसिलेवार बम धमाके आतंकी संगठन आईएस ने करवाए थे।
वहीं, पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किरबी ने कहा कि काबुल एयरपोर्ट पर हुए हमलों की जांच की जाएगी और हम हर मामले की तह तक जाने की कोशिश करेंगे। हम उन अफगान नागरिकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं जो कल के हमले में मारे गए और घायल हुए। हम एक देश को गृह युद्ध से टूटते हुए नहीं देखना चाहते हैं। बता दें कि इन हमलों में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी जिनमें 12 अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं। वहीं, 140 से भी ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट पर हुए बम धमाकों में मरने वाले 100 से अधिक लोगों में तीन ब्रिटेन के नागरिक भी शामिल थे, इनमें एक बच्चा भी था। यूनाइटेड किंगडम (यूके) के विदेश सचिव डोमिनिक राब ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैं दो ब्रिटिश नागरिकों और एक ब्रिटिश बच्चे की मौत की खबर सुन कर बहुत आहत हूं। बता दें कि दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों ने काबुल एयरपोर्ट पर हमला कर दिया था। इस हमले में 13 अमेरिकी मरीन कमांडो भी मारे गए थे।