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संकट: बड़ी गलती साबित हो सकता है अमेरिकी अधिकारियों का ये कदम, तालिबान को दी अफगान नागरिकों की 'किल लिस्ट'

Fri, 27 Aug 2021 10:30 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

अफगानिस्तान से अपने नागरिकों और अपने मददगार अफगानियों की निकासी में हो रही समस्याओं को दूर करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों ने तालिबान को कुछ नामों की एक सूची सौंपी है। माना जा रहा है ऐसा करके अमेरिका ने तालिबान के हाथ में एक 'किल लिस्ट' पकड़ा दी है। पढ़िए पूरा मामला
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काबुल एयरपोर्ट पर हालात - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में यहां से निकासी के प्रयासों की देख-रेख करने वाले अमेरिकी अधिकारियों ने तालिबान को एक सूची सौंपी है। इस सूची में अमेरिकी नागरिकों, ग्रीन कार्ड धारकों और उन अफगान नागरिकों के नाम हैं जिन्होंने अमेरिका की मदद की है। हालांकि, अधिकारियों ने ये सूची इसलिए सौंपी है ताकि इन लोगों को काबुल एयपोर्ट के तालिबान नियंत्रित इलाके से आने में दिक्कत न हो। लेकिन, कहा जा रहा है कि यह सूची तालिबान के लिए एक 'किल लिस्ट' साबित हो सकती है। 

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15 अगस्त से अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से काबुल से करीब एक लाख लोगों को निकाला जा चुका है। इनमें से अधिकर लोगों को तालिबान के कई जांच बिंदुओं से गुजरना पड़ा था। अमेरिकी अधिकारियों ने ये सूची देकर प्रयास किया है कि इन लोगों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। लेकिन, उनका यह कदम सवाल उठा रहा है कि अमेरिका की मदद करने वाले अफगानियों की निर्ममता से हत्या करने वाला तालिबान इस सूची में शामिल अफगान नागरिकों के साथ क्या करेगा, यह कौन बताएगा। 

पॉलिटिको की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों के इस कदम से अमेरिकी सांसद और सैन्य अधिकारी खासे नाराज हैं। एक रक्षा अधिकारी के अनुसार 'एक तरह से उन्होंने इन अफगान नागरिकों को एक किल लिस्ट में रख दिया है। यह भयावह और चौंकाने वाला है और आपको ऐसा महसूस कराता है कि आप सही नहीं हैं।' बता दें कि गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट के पास हुए सिलसिलेवार आत्मघाती बम धमाकों के बाद अफगानिस्तान की राजधानी में सुरक्षा के हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं।
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अमेरिका ने अभी तक इतने लोगों को काबुल से निकाला
व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को बताया कि 26 अगस्त की सुबह तीन बजे (स्थानीय समयानुसार) काबुल से लगभग 12,500 लोगों को निकाला गया। 35 अमेरिकी सैन्य विमानों के जरिए करीब 8500 लोगों को निकाला गया और सहयोगी उड़ानों के माध्यम से लगभग 4000 लोग निकाले गए। व्हाइट हाउस ने बताया कि 14 अगस्त से अमेरिका लगभग एक लाख पांच हजार लोगों को निकाल चुका है या निकालने में मदद कर चुका है। जुलाई अंत तक हम लगभग एक लाख 10 हजार 600 लोगों को दूसरी जगह पहुंचा चुके हैं।
 

 

काबुल एयरपोर्ट धमाकों की जांच करेगा अमेरिका

अमेरिकी सेना के मेजर जनरल विलियम 'हैंक' टेलर ने शुक्रवार को कहा कि अभी भी काबुल एयरपोर्ट पर ऐसे करीब 5400 लोग हैं जो अफगानिस्तान से बाहर निकलने के लिए विमानों का इंतजार कर रहे हैं। हमारे पास यहां से निकलने वाले लोगों को अमेरिकी सैन्य एयरलिफ्ट में शामिल करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि आईएस हमें इस अभियान को पूरा करने से रोक नहीं पाएगा। बता दें कि गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट पर हुए सिलसिलेवार बम धमाके आतंकी संगठन आईएस ने करवाए थे।

वहीं, पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किरबी ने कहा कि काबुल एयरपोर्ट पर हुए हमलों की जांच की जाएगी और हम हर मामले की तह तक जाने की कोशिश करेंगे। हम उन अफगान नागरिकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं जो कल के हमले में मारे गए और घायल हुए। हम एक देश को गृह युद्ध से टूटते हुए नहीं देखना चाहते हैं। बता दें कि इन हमलों में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी जिनमें 12 अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं। वहीं, 140 से भी ज्यादा लोग घायल हो गए थे। 
 

 
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काबुल हमले में तीन ब्रिटिश नागरिकों की भी मौत

गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट पर हुए बम धमाकों में मरने वाले 100 से अधिक लोगों में तीन ब्रिटेन के नागरिक भी शामिल थे, इनमें एक बच्चा भी था। यूनाइटेड किंगडम (यूके) के विदेश सचिव डोमिनिक राब ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैं दो ब्रिटिश नागरिकों और एक ब्रिटिश बच्चे की मौत की खबर सुन कर बहुत आहत हूं। बता दें कि दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों ने काबुल एयरपोर्ट पर हमला कर दिया था। इस हमले में 13 अमेरिकी मरीन कमांडो भी मारे गए थे।
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