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अमेरिका मध्यावधि चुनाव: प्रचार में ट्रंप का आखिरी दांव; एक और मौके का जिक्र क्यों? 127 वादों की सूची में क्या?

Tue, 03 Nov 2026 04:24 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 127 वादे पूरे करने का दावा किया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति का श्रेय लिया और तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की इच्छा भी जताई।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी 127 वादों की इस सूची में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन ने चुनाव के दौरान किए गए ज्यादातर वादे पूरे कर दिए हैं। इनमें भारत के साथ बेहतर व्यापार समझौता करने से लेकर दुनिया के आठ बड़े संघर्षों में शांति स्थापित कराने तक की बातें शामिल हैं। खास बात यह है कि इस सूची में भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य टकराव को रुकवाने का श्रेय भी ट्रंप प्रशासन ने लिया है। हालांकि, भारत पहले ही साफ कर चुका है कि इस मामले में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं थी।

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127 वादे पूरे करने का दावा
व्हाइट हाउस ने सोमवार को 'प्रेसिडेंट ट्रंप्स सेकंड टर्म: प्रॉमिसेज मेड, प्रॉमिसेज केप्ट, रिजल्ट्स डिलिवर्ड' नाम से यह रिपोर्ट जारी की। इसमें सीमा सुरक्षा, अवैध प्रवासन, अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीक और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर सरकार की उपलब्धियां गिनाई गई हैं। रिपोर्ट में ट्रंप प्रशासन ने दावा किया कि उसने पिछले चुनाव में जनता से किए गए वादों को तेजी से पूरा किया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप ने किसी भी आधुनिक अमेरिकी राष्ट्रपति के मुकाबले ज्यादा चुनावी वादे पूरे किए हैं।

भारत समेत 12 देशों के साथ बेहतर व्यापार का दावा
व्यापार के मोर्चे पर व्हाइट हाउस ने दावा किया कि ट्रंप ने भारत, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस और कंबोडिया जैसे बड़े व्यापारिक साझेदारों के साथ नए और बेहतर समझौते किए हैं। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, इन देशों की हिस्सेदारी दुनिया की आधी से ज्यादा अर्थव्यवस्था में है। ट्रंप ने आयात शुल्क यानी टैरिफ को दबाव बनाने के हथियार की तरह इस्तेमाल किया, ताकि अमेरिकी किसानों, कामगारों और कंपनियों को बेहतर शर्तों पर व्यापार का फायदा मिल सके। हालांकि, भारत के मामले में तस्वीर थोड़ी अलग है। भारत और अमेरिका ने फरवरी में सिर्फ अंतरिम व्यापार समझौते का एक फ्रेमवर्क यानी शुरुआती रूपरेखा घोषित की थी। दोनों देशों ने कहा था कि वे इस पर जल्द काम शुरू करेंगे और आगे चलकर व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देंगे। ऐसे में इसे पूरी तरह लागू हो चुका व्यापार समझौता कहना सही नहीं होगा।
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भारत-पाकिस्तान के बीच शांति का श्रेय लेने पर विवाद
विदेश नीति के तहत व्हाइट हाउस ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन ने आठ बड़े संघर्षों को खत्म कराने या उनमें शांति स्थापित करने में भूमिका निभाई। इस सूची में भारत-पाकिस्तान, इजरायल-ईरान, कांगो-रवांडा, कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया, मिस्र-इथियोपिया, आर्मेनिया-अजरबैजान और इजरायल-हमास के बीच तनाव शामिल हैं। भारत-पाकिस्तान के मामले में यह दावा पहले भी विवादों में रहा है। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया था। इसके बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी। ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने व्यापारिक दबाव और बातचीत के जरिए दोनों देशों के बीच संघर्ष रुकवाया। लेकिन भारत ने लगातार इस दावे को खारिज किया है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने अपने भारतीय समकक्ष से सीधे संपर्क किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। भारत ने साफ किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं थी।

रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की भी कोशिश
व्हाइट हाउस की रिपोर्ट में रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का भी जिक्र है। प्रशासन ने कहा कि वह इस युद्ध को खत्म कराने के लिए तीन देशों के बीच बातचीत यानी त्रिपक्षीय वार्ता की कोशिश कर रहा है। ट्रंप इसे अपनी विदेश नीति की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल बताते रहे हैं।

सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासन पर सरकार की उपलब्धियां
अमेरिकी सीमा सुरक्षा को लेकर भी रिपोर्ट में कई दावे किए गए हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक, अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर सेना के जवान तैनात किए गए, सीमा दीवार का निर्माण दोबारा शुरू कराया गया और 'रेमेन इन मेक्सिको' नीति फिर लागू की गई। प्रशासन ने दावा किया कि वित्त वर्ष 2026 में दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल ने 98,708 लोगों को पकड़ा। यह संख्या बाइडेन प्रशासन के दौरान हर साल औसतन पकड़े जाने वाले 18 लाख से ज्यादा लोगों के मुकाबले 95 फीसदी कम बताई गई है। इसके अलावा सरकार का दावा है कि 30 लाख से ज्यादा अवैध प्रवासी अमेरिका छोड़कर जा चुके हैं। इनमें करीब 12 लाख लोगों को निर्वासित किया गया या देश से बाहर भेजा गया।

टैक्स में राहत और 3400 डॉलर से ज्यादा का रिफंड
अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर ट्रंप प्रशासन ने 'वर्किंग फैमिलीज टैक्स कट्स' को अपनी बड़ी उपलब्धि बताया है। इसमें टिप्स और ओवरटाइम से होने वाली कमाई पर टैक्स में छूट जैसे प्रावधान शामिल हैं। सरकार ने इन्हें 'नो टैक्स ऑन टिप्स' और 'नो टैक्स ऑन ओवरटाइम' का नाम दिया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, टैक्स भरने के पहले सीजन में 5.3 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इन नई कटौतियों का फायदा उठाया। वहीं, औसत टैक्स रिफंड 3,400 डॉलर से ज्यादा रहा। प्रशासन ने तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन बढ़ाने, ऊर्जा की उपलब्धता सुधारने और अमेरिकी कंपनियों में निवेश बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों को भी अपनी उपलब्धि बताया।

AI, क्रिप्टो और अंतरिक्ष मिशन का भी जिक्र
तकनीक और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी ट्रंप सरकार ने कई उपलब्धियां गिनाई हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक्शन प्लान की शुरुआत, स्टेबलकॉइन से जुड़े GENIUS Act पर हस्ताक्षर और नासा का आर्टेमिस-II मिशन शामिल हैं। व्हाइट हाउस ने दावा किया कि आर्टेमिस-II मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने इंसानी इतिहास में पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तय की। यह आधी सदी से ज्यादा समय बाद चांद से जुड़ा पहला मानवयुक्त मिशन था। इसके अलावा सरकार ने ऊर्जा नीति, क्रिप्टोकरेंसी, सरकारी खर्च में कटौती और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई को भी अपनी उपलब्धियों में शामिल किया है। पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी, सीनेटर रॉबर्ट एफ कैनेडी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्याओं से जुड़े दस्तावेज जारी करने का फैसला भी इस सूची में है।

तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की इच्छा जताई
इसी बीच ट्रंप ने एक बार फिर तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की इच्छा जाहिर की है। 'न्यूयॉर्क पोस्ट' की पत्रकार मिरांडा डिवाइन के पॉडकास्ट 'पॉड फोर्स वन' में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर कानून इसकी इजाजत देता तो वह दोबारा चुनाव लड़ना पसंद करते। ट्रंप ने कहा, 'अगर मुझे मौका मिलता तो मैं फिर चुनाव लड़ना पसंद करता, लेकिन संविधान की भाषा बहुत साफ है।' उन्होंने अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन का जिक्र किया, जिसके तहत कोई व्यक्ति दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं चुना जा सकता। ट्रंप ने अपनी लोकप्रियता का हवाला देते हुए कहा कि हाल के सर्वे में वह दूसरे संभावित उम्मीदवारों से काफी आगे दिखाई दिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी उनके पास राष्ट्रपति पद के दो साल से ज्यादा का समय बाकी है और इस दौरान बहुत कुछ किया जा सकता है।

चुनाव से पहले डेमोक्रेट्स पर तीखे हमले
मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप ने रविवार को कंसास में एक चुनावी रैली की। यहां उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी पर टैक्स में राहत का विरोध करने, सीमा सुरक्षा कमजोर करने और पुलिस का समर्थन नहीं करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट्स ने टिप्स, ओवरटाइम और बुजुर्गों की सोशल सिक्योरिटी से जुड़ी टैक्स छूट का विरोध किया है। उन्होंने वोटर आईडी और नागरिकता के प्रमाण से जुड़े नियमों पर भी डेमोक्रेट्स को घेरा। ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई करेगी। साथ ही बड़े पैमाने पर ड्रग्स और मानव तस्करी करने वालों के लिए कड़ी सजा और पुलिसकर्मियों की हत्या करने वालों को मृत्युदंड देने का कानून लाने की बात भी कही।

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3 नवंबर को तय होगा अमेरिकी संसद का भविष्य
अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 और सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर मतदान होगा। इन चुनावों से तय होगा कि अगले दो साल तक अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। तिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटें जरूरी हैं। डेमोक्रेट्स को बहुमत हासिल करने के लिए तीन सीटों का फायदा चाहिए। वहीं, सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटें जरूरी हैं और डेमोक्रेट्स को चार सीटों का शुद्ध फायदा हासिल करना होगा। ये चुनाव ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के बीच उनकी लोकप्रियता की बड़ी परीक्षा माने जा रहे हैं। महंगाई, रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतें और सरकार के कामकाज को लेकर लोगों की नाराजगी भी चुनाव में अहम मुद्दे हैं। नतीजे तय करेंगे कि ट्रंप को अपने बचे हुए कार्यकाल में संसद का कितना समर्थन मिलता है।

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