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भारत-वियतनाम: एनएसए डोभाल ने शीर्ष मंत्रियों के साथ की बैठक; व्यापार के साथ-साथ सुरक्षा और मजबूत संबंध पर जोर

Tue, 03 Nov 2026 02:06 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

भारत के एनएसए अजित डोभाल ने वियतनाम के शीर्ष मंत्रियों से मुलाकात कर सुरक्षा, रक्षा और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने 55 साल पुराने रिश्तों को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
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वियतनाम दौरे पर एनएसए डोभाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने सोमवार को वियतनाम के शीर्ष नेताओं और मंत्रियों के साथ अहम बैठकें कीं। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच सुरक्षा, रक्षा और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। डोभाल ने वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री और विदेश मंत्री से अलग-अलग मुलाकात की। उनका यह दौरा भारत और वियतनाम के बीच मजबूत होते रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

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वियतनाम के सुरक्षा मंत्री से हुई अहम बातचीत
डोभाल ने वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री जनरल लुओंग टैम क्वांग के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक की। इसमें दोनों देशों के बीच सुरक्षा के क्षेत्र में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई। साथ ही इसे और आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। हनोई स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, दोनों देशों ने अपने पुराने और भरोसेमंद रिश्तों को नई मजबूती देने पर सहमति जताई। बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक हालात पर भी विचार साझा किए गए।

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2027 में भारत-वियतनाम के रिश्तों के 55 साल होंगे पूरे
डोभाल ने वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई चुंग से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 55 साल पूरे होने के मौके पर होने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। भारत और वियतनाम ने 1972 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। साल 2027 में इस रिश्ते के 55 साल पूरे हो जाएंगे। दोनों देश इस ऐतिहासिक अवसर को खास अंदाज में मनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।

रक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी बनी सहमति
इससे पहले डोभाल ने वियतनाम के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग से मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने रक्षा संबंधों को और गहरा करने तथा इस क्षेत्र में मिलकर काम जारी रखने पर सहमति जताई। भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग को आपसी रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।



बौद्ध धर्म के जरिए साझा विरासत को भी किया याद
आधिकारिक बैठकों के अलावा डोभाल ने सोमवार को वियतनाम की राजधानी हनोई स्थित ऐतिहासिक क्वान सु पगोडा का दौरा भी किया। यहां उनका स्वागत वियतनाम बौद्ध संघ के वरिष्ठ धर्मगुरुओं ने किया। इनमें पगोडा के मुख्य भिक्षु थिच थान निउ और वियतनाम बौद्ध संघ के महासचिव थिच डुक थियेन शामिल थे। इस दौरान भारत और वियतनाम के बीच बौद्ध धर्म से जुड़े पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को भी रेखांकित किया गया। दोनों देशों के लोगों के बीच बौद्ध धर्म को एक अहम सांस्कृतिक कड़ी माना जाता है।
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मई में रणनीतिक साझेदारी को मिला था नया दर्जा
डोभाल रविवार को आधिकारिक दौरे पर वियतनाम पहुंचे थे। उनका यह दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का हिस्सा है। इससे पहले मई में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम भारत आए थे। उस दौरान भारत और वियतनाम ने अपने संबंधों को बढ़ाकर 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' यानी उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था।

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2030 तक 25 अरब डॉलर के कारोबार का लक्ष्य
भारत और वियतनाम ने साल 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए दोनों देश व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। डोभाल का ताजा दौरा इसी साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। खास बात यह है कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय हालात के बीच भारत वियतनाम के साथ अपने सुरक्षा और रक्षा संबंधों को भी प्राथमिकता दे रहा है।

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