चीन में निवेश रोकने के लिए अमेरिका ने कानून तैयार किया है। इस फैसले से वैश्विक कारोबार भी प्रभावित होने की आशंका है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन में ईवी, सैन्य और तकनीकी विकास भी बाधित होने का खतरा है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने एक कानून तैयार किया है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), कंप्यूटर चिप्स और क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए चीन में अमेरिकी निवेश को प्रतिबंधित और निगरानी करेगा। अगस्त-2023 में राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकारी आदेश के बाद यह प्रस्ताव बनाया गया है। इसमें चिंता वाले देशों को उन्नत प्रौद्योगिकियों के लिए वित्त पोषण रोकने की व्यवस्था दी गई है। चीन के लिए यह बड़ा झटका होगा।
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चीनी ईवी पर कड़ा आयात शुल्क भी लगाया
राष्ट्रपति बाइडन के आदेश में चीन, हांगकांग और मकाऊ को चिंता वाले देशों के रूप में पहचाना गया है। यह तैयारी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में तकनीकी विकास रोकने का प्रयास है। इसका असर सैन्य बढ़त और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) जैसे उभरते क्षेत्रों पर पड़ना तय माना जा रहा है। बाइडन प्रशासन ने चीनी ईवी पर कड़ा आयात शुल्क भी लगाया है, जिससे वैश्विक कारोबार विस्तार प्रभावित होगा।
अमेरिकी को भी प्रतिबंधों के उल्लंघन का सामना करना पड़ेगा
नए नियम लागू होते ही चीनी प्रौद्योगिकी से लेनदेन करने वाले किसी भी अमेरिकी को भी प्रतिबंधों के उल्लंघन का सामना करना पड़ेगा। नया नियम लोगों को चीन से संबंध रखने वालों से भी दूरी बनाने को बाध्य करता है। नए फैसलों से दोनों देशों के साथ वैश्विक कारोबारी रिश्ते रखने वाले देश भी प्रभावित होंगे।