पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब जिद और ताकत की खतरनाक लड़ाई में बदल चुका है, जहां हालात हर दिन और विस्फोटक होते जा रहे हैं। एक महीने से ज्यादा समय तक चले अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ टकराव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। अब इसी उथल-पुथल के बीच अमेरिका की राजनीति भी इस आग में झुलसती नजर आ रही है। इसका बड़ा कारण है कि जारी तनाव के बीच अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
हैरिस ने अपने बयान में कहा कि ट्रंप को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ सैन्य टकराव में खींच लिया है। बढ़ते तनाव के समय अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस बयान ने न सिर्फ अमेरिकी सत्ता में हलचल मचा दी है, बल्कि वैश्विक कूटनीति में भी नई बहस और तनाव को जन्म दे दिया है, जिससे हालात और ज्यादा विस्फोटक बनते जा रहे हैं।
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एपस्टीन फाइल्स से भंटकाने की कोशिश- हैरिस
अपने बयान में कमला हैरिस ने इस पूरे घटनाक्रम को एक ऐसा कदम बताया जो अमेरिका की जनता की इच्छा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध ऐसा है जिसे अमेरिकी जनता नहीं चाहती, लेकिन फिर भी सरकार इसे आगे बढ़ा रही है। हैरिस ने आरोप लगाया कि यह युद्ध असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है, खासकर एपस्टीन फाइल्स जैसे विवादों से। उनके मुताबिक, सरकार ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जैसे अभियानों का इस्तेमाल लोगों का ध्यान हटाने के लिए कर रही है।
ट्रंप प्रशासन को बताया भ्रष्ट प्रशासन
मिशिगन में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए हैरिस ने ट्रंप प्रशासन को अब तक का सबसे भ्रष्ट, बेरहम और अयोग्य प्रशासन बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा नेतृत्व ताकत दिखाने के नाम पर सेना का इस्तेमाल अपनी मर्जी से करना चाहता है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप की नीतियों ने अमेरिका की विदेश नीति को कमजोर कर दिया है। उनके अनुसार, अमेरिका ने अपने पुराने सहयोगियों और मित्र देशों के साथ भरोसा खो दिया है। इससे दुनिया में अमेरिका की विश्वसनीयता भी कम हुई है।
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वैश्विक व्यवस्था कमजोर कर रहे ट्रंप- हैरिस
हैरिस ने आरोप लगाया कि ट्रंप अंतरराष्ट्रीय नियमों, संप्रभुता और वैश्विक समझौतों को गंभीरता से नहीं लेते। उनका कहना है कि इससे वैश्विक व्यवस्था कमजोर हो रही है और अमेरिका का प्रभाव घट रहा है। इसके अलावा घरेलू मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की, जिसमें अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और महिलाओं के अधिकार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी क्षेत्रों में सरकार की नीतियां लोगों के हित में नहीं हैं।
अंत में कमला हैरिस ने विश्वास जताया कि डेमोक्रेटिक पार्टी आने वाले मध्यावधि चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी और जनता बदलाव चाहती है।