ईरान के मीनाब शहर में बालिका विद्यालय पर हवाई हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है, जिनमें अधिकांश छात्राएं हैं। इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल रहा है। पढ़ें रिपोर्ट-
ईरान पर अमेरिका और इस्राइल ने आज बड़े पैमाने पर हमले किए। इससे पूरे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। इन हमलों में ईरानी शहर मीनाब में एक बालिका विद्यालय भी निशाना बना जिसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। वहीं, 45 अन्य घायल हो गए। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी 'आईआरएनए' ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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अमेरिका और इस्राइल ने एक सैन्य अभियान के तहत ईरान के विभिन्न इलाकों पर हमले किए। दक्षिणी प्रांत हरमोजगान के मीनाब शहर में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) की एक इकाई मौजूद है। बताया जा रहा है कि इसी इकाई को निशाना बनाया गया था। लेकिन, विद्यालय पर सीधा हमला होने से आम लोगों खासकर बच्चियों की जान गई। विद्यालय पर हमला होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आक्रोश फैला है।
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की
वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की और इस्राइल पर ड्रोन और मिसाइल दागे। इससे तनाव और बढ़ गया। बालिका विद्यालय पर हमले को लेकर अमेरिका या इस्राइल की ओर से अभी तको कोई विस्तृत बयान नहीं आया है। मीडिया रिपोर्ट्स् के मुताबिक, यह एक प्राथमिक विद्यालय था, जहां निर्दोष बच्चियां पढ़ रही थीं। ईरानी अधिकारियों ने इसे आम लोगों पर क्रूर हमला करार दिया।
मृतकों में अधिकांश छात्राएं
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्राइल-अमेरिका के हमलों में मारे जाने वालों में सबसे ज्यादा छात्राएं थीं। इसके अलावा, घायलों में शिक्षक और कर्मचारी शामिल हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के कार्यालय के आसपास भी धमाके हुए। वहां से धुंआ उठता हुआ देखा गया। बाद में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और भारत में ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहली ने पुष्टि की कि खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित हैं।