अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों का दावा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के वरिष्ठ सलाहकारों ने उन्हें यूक्रेन पर हमलों में आ रही मुश्किलों को लेकर गुमराह किया। नतीजतन, सैन्य नेतृत्व के साथ उनका तनाव गहरा गया है और रूस को यूक्रेन से समझौता टेबल पर इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
व्हाइट हाउस की संचार निदेशक केट बेडिंगफील्ड के मुताबिक, हमारे पास ऐसी सूचनाएं हैं कि पुतिन के समक्ष मैदान-ए-जंग में रूसी सेना के प्रदर्शन और पश्चिमी प्रतिबंधों से धराशायी होती अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर पेश नहीं की गई क्योंकि उनके वरिष्ठ सलाहकार सच बताने से डर रहे थे।
यूक्रेन में कई मोर्चों पर सैन्य कमजोरियां उजागर होने के बाद पुतिन और उनके नजदीकियों के बीच दरार पैदा हो गई है। युद्ध के लिए सेना में जबरन भर्तियों से भी राष्ट्रपति वाकिफ नहीं थे।
बेडिंगफील्ड ने कहा, साफ हो गया है कि जंग छेड़ने का फैसला भारी रणनीतिक भूल था, जिसने रूस को लंबे समय के लिए कमजोर और वैश्विक परिदृश्य में अलग-थलग कर दिया है।
निरंकुश शासन के सामने कैसे बोलते
उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अल्जीरिया में पत्रकारों से कहा, खुफिया रिपोर्टों ने किसी निरंकुश शासन में सत्ता के सामने सच न बोल पाने की स्थिति से दुनिया को अवगत कराया है। पेंटागन प्रवक्ता जॉन किर्बी का कहना है कि यूक्रेन में रूसी सेना किस हद तक विफल रही है, यह पुतिन को समझा पाना सलाहकारों के लिए बड़ी मुसीबत रहा होगा, जिसके चलते उन्होंने सच छिपा लिया।