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अमेरिकी उप विदेश मंत्री बोले: साझा विचारों-मूल्यों पर बने हैं अमेरिका-भारत संबंध, गांधी की विरासत को किया याद

Sun, 01 Oct 2023 08:48 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

इंडियन हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में बाइडन प्रशासन के शीर्ष भारतीय-अमेरिकी अधिकारियों और अमेरिका भर के प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेताओं ने हिस्सा लिया। महात्मा गांधी के जीवन और विरासत का सम्मान करते हुए बाइडन प्रशासन के शीर्ष अधिकारी वर्मा ने कहा कि अमेरिका-भारत संबंध साझा विचारों और साझा मूल्यों पर आधारित हैं।
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Richard Verma, Taranjit Singh Sandhu, S Jaishankar - फोटो : Twitter/Richard Verma
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विस्तार
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अमेरिका-भारत संबंध साझा विचारों और साझा मूल्यों पर आधारित हैं और इनमें लोकतंत्र एवं सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता शीर्ष पर है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय में प्रबंधन एवं संसाधन उप विदेश मंत्री रिचर्ड वर्मा ने भारतीय संस्कृति और भारत-अमेरिका संबंधों की विविधता और जीवंतता का जश्न मनाने के लिए भारतीय दूतावास में आयोजित एक कार्यक्रम में शनिवार को यह टिप्पणी की।

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इंडियन हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में बाइडन प्रशासन के शीर्ष भारतीय-अमेरिकी अधिकारियों और अमेरिका भर के प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेताओं ने हिस्सा लिया। महात्मा गांधी के जीवन और विरासत का सम्मान करते हुए बाइडन प्रशासन के शीर्ष अधिकारी वर्मा ने कहा कि अमेरिका-भारत संबंध साझा विचारों और साझा मूल्यों पर आधारित हैं।

उन्होंने कहा, "इनमें (दोनों देशों में) सबसे ऊपर लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता है। गांधी ने 1942 में राष्ट्रपति रूजवेल्ट को लिखा था कि उन्हें थोरो और इमर्सन के लेखन से बहुत लाभ हुआ है और कुछ साल बाद डॉ मार्टिन लूथर किंग ने लिखा- यह गांधी और (उनके) प्रेम और अहिंसा का असर था कि मैंने समाज सुधार के लिए तरीका ढूंढ निकाला। गांधी का दर्शन आजादी उत्पीड़ित लोगों की आजादी के लिए एकमात्र नैतिक और व्यावहारिक रूप से उपयुक्त तरीका था।"

उन्होंने कहा, 'अमेरिका और भारत सभी लोगों के लिए निष्पक्षता और न्याय की वकालत करते हैं। ये मूल्य वह गोंद है जो हमारे देशों को एक साथ जोड़े रखता है। यही कारण था कि 60 साल पहले मेरे पिता ने इस देश को बसने के लिए चुना। वह (पिता) हमें याद दिलाना पसंद करते हैं कि उनकी जेब में तब केवल 14 डॉलर और एक बस टिकट था। बाकी वे कहते हैं कि यह इतिहास है।'
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वर्मा ने कहा, "यह कड़ी मेहनत और व्यक्तियों के जोखिम लेने की कहानियां हैं। आप सभी (भारतीय अमेरिकी) ने वास्तव में दोनों देशों के संबंधों के निर्माण और इसे इस सदी के सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक बनाने में कड़ी मेहनत की है।" उन्होंने कहा कि राजनयिक से नेता बने विदेश मंत्री एस जयशंकर आधुनिक भारत-अमेरिका संबंधों के निर्माता हैं। शहर के आधिकारिक दौरे पर आए जयशंकर को बेहद प्रतिभाशाली विदेश मंत्री बताते हुए वर्मा ने कहा कि वह कह सकते हैं कि शीर्ष भारतीय राजनयिक अमेरिका-भारत के आधुनिक संबंधों के निर्माता हैं।
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