ब्लिंकन ने एक बयान में कहा कि वीजा प्रतिबंध नीति तालिबान के मौजूदा व पूर्व सदस्यों के लिए वीजा प्रतिबंधित करती है। अफगानिस्तान में महिलाओं का दमन और हिंसा के लिए तालिबान के सदस्य और अन्य लोगों को जिम्मेदार माना जाता है।
विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका ने तालिबान के सदस्यों और अफगानिस्तान में महिलाओं व लड़कियों के दमन के लिए जिम्मेदार अन्य लोगों पर वीजा प्रतिबंध लगाए हैं।
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बता दें कि बीते साल 15 अगस्त को तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज हुआ है। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर समेत अन्य इमारतों पर हुए हमलों के बाद साल 2021 में अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में दाखिल हुई थी। इसके बीस साल बाद 2021 में अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान को छोड़ दिया था।
ब्लिंकन ने एक बयान में कहा कि वीजा प्रतिबंध नीति तालिबान के मौजूदा व पूर्व सदस्यों के लिए वीजा प्रतिबंधित करती है। अफगानिस्तान में महिलाओं का दमन और उनके खिलाफ प्रतिबंध की नीतियों व हिंसा के लिए तालिबान के सदस्य, गैर-राज्य सुरक्षा समूहों के सदस्य और अन्य लोगों को जिम्मेदार माना जाता है। बयान में कहा गया है कि ऐसे व्यक्तियों के परिवार के सदस्य भी तत्काल इन प्रतिबंधों (वीजा प्रतिबंध) के अधीन हो सकते हैं।
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इसमें कहा गया है कि इन दमनकारी नीतियों में लड़कियों व महिलाओं की माध्यमिक या उच्च शिक्षा तक पहुंच रोकना या उन्हें प्रतिबंधित करना, कार्यबल (वर्कफोर्स) में महिलाओं की पूर्ण भागीदारी को रोकना और उनके करियर को चुनने की आजादी को रोकना, महिलाओं के आंदोलन या अभिव्यक्ति को प्रतिबंधित करना, उनके खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न शामिल है।
अमेरिकी विदेश मंत्री के मुताबिक, भेदभावपूर्ण नीतियों का पालन न करने पर महिलाओं, लड़कियों या उनके परिवार के सदस्यों की अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी और हिरासत में रखने पर भी प्रतिबंध लग सकते हैं।