दुनिया के कई देशों में धार्मिक स्वतंत्रता के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, अमेरिका ने नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन को देखते हुए दुनिया के 10 देशों को विशेष चिंता वाली सूची में डाल दिया है। इस लिस्ट में पाकिस्तान, चीन, बर्मा, रूस, सऊदी अरब का भी नाम शामिल है। इन सभी देशों पर धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन में लिप्त होने या इसे सहने का आरोप है। इस मामले में अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी किया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने दी यह जानकारी
विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बताया कि बाइडन प्रशासन प्रत्येक व्यक्ति के धर्म या विश्वास की स्वतंत्रता के अधिकार का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस श्रेणी में मानवाधिकार के उल्लंघन, दुर्व्यवहारियों का सामना करने और उनसे जूझने वालों को भी रखा गया है। उन्होंने कहा, 'मैं बर्मा, चीन, इरिट्रिया, ईरान, द डीपीआरके, पाकिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को विशेष रूप से चिंता वाले देशों के रूप में नामित कर रहा हूं। इन देशों में धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन हो रहा है और लोगों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
इन देशों पर भी अमेरिका की नजर
एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका ने अल्जीरिया, कोमोरोस, क्यूबा और निकारागुआ आदि देशों को स्पेशल वॉच लिस्ट में रखा है। दरअसल, इन देशों की सरकारें भी धार्मिक आजादी के गंभीर उल्लंघन होने और उसे सहने के मामलों में लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आजादी इस वक्त पूरी दुनिया के लिए चुनौती है, जिसका उल्लंघन लगातार बढ़ता जा रहा है। हम सभी देशों की सरकारों पर उनके कानूनों और प्रथाओं में कमियों को दूर करने व दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए दबाव डालना जारी रखेंगे।