बचपन में गलती से बिना दस्तावेज अमेरिका पहुंचे बच्चे, जो अब युवा हो चुके हैं, उनके अमेरिकी नागरिकता पाने की उम्मीदों पर अदालत ने पानी फेर दिया है। ऐसे सैकड़ों भारतीयों समेत बिना दस्तावेज वाले हजारों अप्रवासियों के निर्वासन को रोकने वाली नीति (डीएसीए) को अवैध घोषित कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने कहा कि सरकार अपने वर्तमान आवेदकों की नवीनीकरण की प्रक्रिया को जारी रख सकती है।
इन युवाओं को ट्रंप सरकार में निष्कासित करने का फैसला लिया गया था, जबकि बाइडन प्रशासन ने बराक ओबामा द्वारा लाए गए डीएसीए (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स) कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया है। अमेरिकी नागरिकता की बाट जोह रहे इन युवाओं को अमेरिका में ‘ड्रीमर्स’ भी कहा जाता है। अमेरिकी जिला न्यायालय के जज एंड्रयू हैनन के फैसले से पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय के डीएसीए कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है। हैनन ने लिखा, कोर्ट ने पहले भी कुछ ऐसा ही निर्णय सुनाकर कहा था कि उन सभी डीएसीए प्राप्तकर्ताओं के लिए रिक्ति की प्रभावी तिथि पर रोक लगाई जाती है, जिन्होंने 16 जुलाई, 2021 से पहले अपनी प्रारंभिक डीएसीए स्थिति प्राप्त की थी। हेनेन ने कहा, प्रतिवादी (सरकार) इस डीएसीए नवीनीकरण आवेदनों की प्रक्रिया को जारी रखते हुए इसकी मंजूरी दे सकते हैं। वहीं, हैनन ने करीब 5.80 लाख लोगों के निर्वासन सुरक्षा और कार्य परमिट को समाप्त करने का आदेश देने से भी परहेज किया।
6.30 लाख भारतीयों के पास भी दस्तावेज नहीं
साउथ एशियन अमेरिकन्स लीडिंग टुगेदर (एसएएएलटी) की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 6,30,000 भारतीय ऐसे हैं जिनके पास कोई दस्तावेज नहीं है। इसमें 2010 के बाद से 72% की वृद्धि हुई है। वर्तमान में कम से कम 4,300 सक्रिय दक्षिण एशियाई डीएसीए प्राप्तकर्ता हैं। अगस्त 2018 तक लगभग 2,550 सक्रिय भारतीय डीएसीए प्राप्तकर्ता हैं। एसएएएलटी ने कहा कि कुल 20,000 डीएसीए-योग्य भारतीयों में से केवल 13% ने डीएसीए के लिए आवेदन किया है और प्राप्त किया है।
क्या है डीएसीए?
डीएसीए (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स प्रोग्राम) 2012 से अमेरिका की दक्षिणी सीमा को अवैध रूप से पार करने वाले या वीजा अवधि से अधिक समय तक रहने वाले हजारों प्रवासियों को निर्वासन के डर के बिना देश में रहने और काम करने की अनुमति देती है, अगर वे कुछ जरूरतों को पूरा करते हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि वह बुधवार को अदालत के फैसले से निराश है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केरिन जीन पियरे ने देर रात एक बयान में कहा, "हम दक्षिणी टेक्सास में जिला अदालत से आए आज के डीएसीए के फैसले से बहुत निराश हैं। अपने प्रशासन के पहले दिन राष्ट्रपति (जो) बाइडन ने एक ज्ञापन जारी कर संघीय सरकार को डीएसीए नीति को संरक्षित और मजबूत करने के लिए सभी उचित कदम उठाने का निर्देश दिया था।"
उस निर्देश के अनुरूप, प्रशासन ने कानूनी चुनौतियों से डीएसीए नीति का बचाव किया है और इस दीर्घकालिक नीति को संहिताबद्ध करने वाला एक अंतिम नियम जारी किया है। उन्होंने कहा कि इस प्रशासन के दौरान, डीएसीए के हजारों प्राप्तकर्ता निर्वासन के डर के बिना हमारे देश में कानूनी रूप से रहने और काम करने में सक्षम रहे हैं।