हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि हमें भरोसा है टास्क फोर्स तथ्यों को खोजने, जवाबदेही तय करने और यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। वहीं नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा कि टास्क फोर्स तय करेगा कि हत्या के प्रयास वाले दिन क्या गलत हुआ? साथ ही ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए एजेंसी की जवाबदेही तय करने के साथ सुधार के लिए सिफारिशें करेगा।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पेंसिल्वेनिया में हुए हमले और हत्या के प्रयास की जांच के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 13 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है। टास्क फोर्स घटना की जांच करने के साथ ही सुरक्षा एजेंसी की जवाबदेही तय करेगा।
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टास्क फोर्स में दोनों अमेरिकी राजनीतिक दलों के नेताओं को शामिल किया गया है। इसमें रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य मार्क ग्रीन, डेविड जॉयस, लॉरेल ली, माइकल वाल्ट्ज, क्ले हिगिंस और पैट फॉलन शामिल हैं। जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी से सदस्य जेसन क्रो, लू कोरिया, मेडेलीन डीन, क्रिसी हौलाहन, ग्लेन आइवे और जेरेड मॉस्कोविट्ज़ को शामिल किया गया है। वहीं पेंसिल्वेनिया के कांग्रेसी माइक केली को टास्क फोर्स का अध्यक्ष बनाया गया है।
हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि हमें भरोसा है टास्क फोर्स तथ्यों को खोजने, जवाबदेही तय करने और यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। वहीं नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा कि टास्क फोर्स तय करेगा कि हत्या के प्रयास वाले दिन क्या गलत हुआ? साथ ही ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए एजेंसी की जवाबदेही तय करने के साथ सुधार के लिए सिफारिशें करेगा।
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वहीं होमलैंड सिक्योरिटी कमेटी के अध्यक्ष मार्क ग्रीन ने कहा कि टास्क फोर्स की स्थापना से साफ होगा कि घटना क्यों हुई? अमेरिका के लोग भी यह जानना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसी की विफलता पूरी तरह से अस्वीकार है। वहीं संसद में सीनेट न्यायपालिका समिति के अध्यक्ष डिक डर्बिन ने भी घटना को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में बेहतर सुरक्षा के लिए सीक्रेट सर्विस एजेंसी ने क्या बदलाव किए हैं? वहीं पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने एफबीआई को पूछताछ करने की अनुमति दे दी है।
बता दें कि पेंसिल्वेनिया की रैली में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश की गई थी। इस कोशिश को लेकर अमेरिकी सदन में प्रस्ताव लाया गया। प्रतिनिधि सभा ने घटना की जांच के लिए समर्पित दो दलीय टास्क फोर्स बनाने के लिए मतदान करने की मांग की। इस टास्क फोर्स के गठन के प्रस्ताव को व्यापक द्विदलीय समर्थन मिला था। यह प्रस्ताव 416 मत से पारित हुआ था। इसके बाद टास्क फोर्स का गठन किया गया।