अमेरिका के मैरीलैंड राज्य के बाल्टीमोर शहर में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक कंटेनर शिप (मालवाहक जहाज) के टकराने से तीन किलोमीटर लंबा 'फ्रांसिस स्कॉट की' ब्रिज ढह गया। जहाज में चालक दल के सभी 22 मेंबर भारतीय थे। ये सभी सुरक्षित हैं। बताया जा रहा है कि चालक दल की सतर्कता की वजह से पुल पर सैकड़ों जानें बची हैं। दरअसल, चालक दल ने ऐन वक्त पर मे-यडे कॉल दिया, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी। आइए जानते हैं हादसे की पूरी कहानी-
कितने हताहत हुए?
अधिकारियों ने बताया है कि इस हादसे के वक्त पुल पर आठ मजदूर मौजूद थे, जो गड्ढों की मरम्मत का काम कर रहे थे। अब इनमें से छह लोगों की तलाश की जा रही है। दो लोगों को पहले ही पानी से निकाला जा चुका है। एक मजदूर सही है, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। उसे अस्पताल ले जाया गया है।
फिलहाल, इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या कारों में अभी भी कोई फंसा होगा। इस पर बाल्टीमोर के दमकल विभाग के प्रमुख जेम्स वालेस ने कहा कि सोनार को पानी में वाहन मिले हैं, लेकिन वह इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दे सकते। वहीं, मैरीलैंड के गवर्नर वेस मूरे ने कहा कि जांच चल रही है। जबकि राज्य परिवहन सचिव पॉल वीडफेल्ड ने कहा कि अधिकारियों को नहीं लगता कि कोई भी व्यक्ति कार में फंसा हुआ था।
हादसे के पीछे का क्या कारण?
जहाज डाली ने दुर्घटना से कुछ सेकंड पहले ही चेतावनी जारी की गई कि जहाज ने बिजली और अन्य समस्याएं आ गई हैं। इसलिए मे-यडे कॉल की वजह से हादसे को रोका जा सका। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बिजली गुल होने का कारण क्या है।
सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण ने सिनर्जी मरीन ग्रुप का हवाला देते हुए कहा कि संतुलन खोने के कारण फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज से टकरा गया। सीसीटीवी फुटेज में दुर्घटना से पहले मिनटों में जहाज को दो बार अंधेरा होते हुए दिखाया गया है। टक्कर से पहले धुएं का एक गुबार भी देखा जा सकता है।
सिंगापुर के एमपीए ने कहा कि डाली ने अपनी आपातकालीन प्रक्रियाओं के तहत दुर्घटना से पहले अपने लंगर गिरा दिए थे। ऐसा करने से आउट-ऑफ-कंट्रोल जहाज के मार्ग को धीमा करने में मदद मिल सकती है।अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि आतंकवाद का कोई संकेत नहीं है।
आगे क्या होगा?
अधिकारियों ने बंदरगाह को अगली सूचना तक बंद कर दिया है और यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है। फिलहाल बचाव प्रयास जारी है। अधिकारियों ने कहा है कि इस समय किसी भी जीवित व्यक्ति को ढूंढना उनकी एकमात्र प्राथमिकता है। मूर ने आपातकाल की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं नदी में जहाज से तेल रिसाव तो नहीं हुआ है।
श्रीलंका जा रहे इस जहाज का संचालन करने वाली कंपनी सिनर्जी मरीन ग्रुप ने जानकारी दी है कि जहाज का चालक दल पूरी तरह सुरक्षित है। इस जहाज के चालक दल में 22 लोग शामिल हैं जो कि भारतीय हैं। कंपनी की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़, जहाज से किसी तरह का प्रदूषित पदार्थ नहीं निकल रहा है। इस घटना की जांच के लिए क्वालिफाइड इंडिविज़ुअल इंसीडेंट रिस्पॉंस सर्विस को शुरू कर दिया है।