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AUSMIN: हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत का सहयोग करेंगे US-ऑस्ट्रेलिया, जताई सहमति

Sat, 29 Jul 2023 05:47 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

AUSMIN: अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार को 33वें ऑस्ट्रेलिया-अमेरिका मंत्रिस्तरीय परामर्श (एयूएसएमआईएन) में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भारत, जापान, इंडोनेशिया, फिलीपींस और कोरिया के साथ सहयोग करने पर सहमति जताई।
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33rd Australia-US Ministerial Consultations - फोटो : Twitter/SecBlinken
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विस्तार
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अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार को 33वें ऑस्ट्रेलिया-अमेरिका मंत्रिस्तरीय परामर्श (एयूएसएमआईएन) में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भारत, जापान, इंडोनेशिया, फिलीपींस और कोरिया के साथ सहयोग करने पर सहमति जताई। दोनों देशों के अधिकारियों ने ब्रिसबेन में मुलाकात की। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्री लॉयड जे.ऑस्टिन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने किया। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल में उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स और विदेश मामलों और व्यापार मंत्री पेनी वोंग शामिल थे। 

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बैठक के दौरान दोनों देशों ने कई अभ्यासों के माध्यम से प्रशांत क्षेत्र की सेनाओं के साथ अंतर-क्षमता बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा जारी एक फैक्ट शीट के अनुसार, उन्होंने फिजी, इंडोनेशिया, पापुआ न्यू गिनी और टोंगा की पहली बार अभ्यास तालिस्मान सबरे 2023 में भागीदारी के साथ-साथ उद्घाटन पर्यवेक्षकों के रूप में भारत, सिंगापुर, थाईलैंड और फिलीपींस का स्वागत किया।
 

दोनों देशों ने पारंपरिक रूप से सशस्त्र, परमाणु संचालित पनडुब्बी क्षमता के ऑस्ट्रेलियाई अधिग्रहण और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा की रक्षा के लिए उन्नत क्षमताओं के विकास की दिशा में ऑकस (AUKUS) साझेदारी (ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और  अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौता) के तहत प्रगति का स्वागत किया।
 

ऑस्ट्रेलिया शुरू में अमेरिका से तीन वर्जीनिया श्रेणी की परमाणु संचालित हमलावर पनडुब्बियां (नौसेना) खरीदेगा। ये अमेरिकी नौसेना (यूएसएन) से सेकंड-हैंड नौकाएं होने की संभावना है, साथ ही अगर एसएसएन-एयूकेयूएस नौकाओं की एक नई श्रेणी बनाने की योजना में देरी होती है तो दो और वर्जीनिया श्रेणी की पनडुब्बियों को हासिल करने का विकल्प है।
 

एसएसएन-एयूकेयूएस पनडुब्बी काफी हद तक ब्रिटिश एसएसएन डिजाइन पर आधारित होगी, लेकिन इसमें कुछ अमेरिकी तकनीक शामिल होगी। ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया दोनों एसएसएन-एयूकेयूएस पनडुब्बियों को प्राप्त करेंगे, जिसमें ब्रिटिश उत्पादन ऑस्ट्रेलिया की तुलना में थोड़ा पहले शुरू होगा।
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मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत में श्रीलंका प्रमुख साझेदारः जापान
भारत के दौरे के बाद श्रीलंका पहुंचे जापानी विदेश मंत्री योशिमासा हायाशी ने शनिवार को कहा कि मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत में द्वीपीय राष्ट्र प्रमुख साझेदार है।
आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में चीन के आक्रामक निवेश परियोजनाओं के बीच हायाशी ने द्वीपीय राष्ट्र के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की। 


उन्होंने कहा, आज की मुलाकात में हमने जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा की तरफ से मार्च में घोषित मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत (एफओआईपी) योजना से अवगत कराया। हायाशी जापानी प्रधानमंत्री के उस बयान का उल्लेख कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि जापान हिंद प्रशांत रिम एसोसिएशन (आईओआरए) के साथ सहयोग को महत्व देता है। इस साल अक्टूबर में श्रीलंका आईओआरए की अध्यक्षता करेगा। खनिज-संपदा संपन्न क्षेत्र में चीन की बढ़ती दादागीरी के बीच भारत व अमेरिका समेत दुनिया के कई शक्तिशाली राष्ट्र मुक्त व खुला हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने की आवाज उठा रहे हैं।
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