प्रभावशाली अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने राष्ट्रपति जो बाइडन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया कि वह पाकिस्तान की नई सरकार को तब तक मान्यता न दें, जब तक चुनाव में धांधली की विश्वसनीय और पारदर्शी ढंग से जांच न हो। पत्र लिखने वालों में सत्तारूढ़ डेमोक्रेट पार्टी के मुस्लिम सांसद भी शामिल हैं।
पाकिस्तान में 8 फरवरी को हुए चुनावों में गड़बड़ियों के कई प्रमाण वहां के दलों ने रखे हैं। यहां तक कि इमरान खान की पीटीआई ने इस बाबत अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष को बाकायदा एक पत्र भी लिखा है। बाइडन को पत्र लिखने वालों में 33 डेमोक्रेट सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें मुस्लिम सांसद रशीदा तलीब, इल्हान उमर और आंद्रे कार्सन ने भी ‘पीटीआई के पत्र’ का समर्थन किया है। पत्र पर भारतीय मूल की कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
बता दें कि 266 सदस्यीय नेशनल असेंबली के लिए 90 से ज्यादा सीटों पर पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं, जबकि पीएमएल-एन के 75 व पीपीपी के 54 सांसदों ने जीत हासिल की।
अमेरिकी सांसदों के समूह ने कहा, हमारा आग्रह है कि इस्लामाबाद की नई सरकार को मान्यता देने से पहले पारदर्शी व भरोसेमंद जांच का इंतजार करें। यह जरूरी कदम उठाए बिना पाकिस्तानी अफसरों के लोकतंत्र विरोधी बर्ताव को रोका नहीं जा सकेगा। यह व्यवहार देश के नागरिकों की लोकतांत्रिक इच्छाशक्ति को कमजोर कर सकता है। पत्र में राजनीतिक रूप से गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की मांग भी की गई।
नवाज की पार्टी के अयाज अध्यक्ष
नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता सरदार अयाज सादिक नवगठित नेशनल असेंबली के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।
नौ को राष्ट्रपति चुनाव जरदारी की जीत तय
पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने घोषणा की कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान नौ मार्च को होगा। इसमें पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का लगभग 11 साल बाद फिर से आना तय है। ईसीपी ने एक नोटिस में कहा कि राष्ट्रपति चुनाव नौ मार्च को नेशनल असेंबली और सभी प्रांतीय असेंबली में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक होगा।