अमेरिकी न्याय विभाग अब पत्रकारों और मीडिया संगठनों पर सख्ती करने जा रहा है। इसके तहत अब अगर कोई सरकारी जानकारी लीक होती है, तो जांच के दौरान पत्रकारों को समन, पूछताछ और जरूरत पड़ने पर तलाशी वारंट का भी सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि ये नया नियम अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने जारी किया है। इससे पहले जो नियम थे उनमें पत्रकारों को ऐसी कार्रवाई से कुछ हद तक सुरक्षा दी गई थी, लेकिन अब नए नियम में बाइडेन प्रशासन की उस नीति को हटा दिया गया है, जो पत्रकारों के फोन रिकॉर्ड या जानकारी लेने पर रोक लगाती थी।
नए नियम में क्या-क्या होगा, समझिए
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब नियम में पत्रकारों से उनके स्रोत (सूचना देने वाले) के बारे में पूछताछ के साथ-साथ समाचार संस्थानों को समन या तलाशी वारंट मिल सकते हैं। इसके साथ ही अगर जरूरी हुआ, तो अदालत में पेश होकर गवाही भी देनी पड़ सकती है। इतना ही नहीं अब नए नियम में जांच से पहले पत्रकारों को सूचना देने की बात भी कही गई है, ताकि उनके काम में कम से कम दखल हो।
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नए नियम पर क्या बोलीं पाम बॉन्डी
वहीं पत्रकारों और मीडिया संगठनों पर सख्ती को लेकर टॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने कहा कि हम ऐसी किसी भी जानकारी के लीक को बर्दाश्त नहीं करेंगे, जो देश या सरकार को नुकसान पहुंचाए। उन्होंने यह भी कहा कि ये नियम इसलिए जरूरी हैं ताकि सरकारी गोपनीयता बनी रहे और अनधिकृत खुलासे रोके जा सकें।
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मीडिया को देना होगा जवाब
गौरतलब है कि 2021 में पता चला था कि ट्रंप सरकार के समय पत्रकारों के फोन रिकॉर्ड गुप्त रूप से लिए गए थे। इसके बाद मेरिक गारलैंड ने एक नीति बनाई थी जिससे पत्रकारों को ऐसी कार्रवाई से सुरक्षा मिल सके। लेकिन अब वही नीति खत्म कर दी गई है और कहा गया है कि अगर जांच जरूरी हुई, तो मीडिया को भी जवाब देना होगा।