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US के सबसे बड़े विशेषज्ञ का दावा: लोगों को हमेशा के लिए नहीं पहनना पड़ेगा मास्क, पर महामारी के खात्मे का अंदाजा लगाना मुश्किल

Mon, 17 Jan 2022 08:09 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

WEF के सत्र के दौरान डॉक्टर फौची ने कहा कि अभी यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि सामान्य स्थिति क्या होगी। लेकिन यह तो तय है कि लोगों को हमेशा के लिए मास्क पहनकर नहीं निकलना होगा।
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डॉक्टर एंथनी फौची। - फोटो : Twitter
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विस्तार
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कोरोनावायरस महामारी को लेकर सोमवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस एजेंडा समिट में वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का एक अहम सत्र आयोजित हुआ। इसमें वैज्ञानिकों ने कोरोनावायरस के आगामी वैरिएंट्स के खतरे को लेकर आगाह किया। साथ ही इस महामारी को खत्म माने जाने को लेकर चेतावनी भी जारी की। समिट में सबसे अहम बयान दुनिया के अमेरिका के महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फौची की तरफ से आया, जिन्होंने उम्मीद जताई कि लोगों को हमेशा के लिए मास्क पहनकर नहीं जीना होगा। 
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क्या बोले महामारी विशेषज्ञ?
WEF के सत्र के दौरान डॉक्टर फौची ने कहा कि अभी यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि सामान्य स्थिति क्या होगी। लेकिन यह तो तय है कि लोगों को हमेशा के लिए मास्क पहनकर नहीं निकलना होगा। ओमिक्रॉन वैरिएंट पर फौची ने कहा, "ये वैरिएंट बेहद संक्रामक है, लेकिन यह ज्यादा खतरनाक नहीं है। उम्मीद है कि अभी हालात ऐसे ही रहेंगे। आगे आने वाली स्थिति नए वैरिएंट्स के असर पर ज्यादा निर्भर करेगी।"

फौची ने कोरना को लेकर जारी गलत खबरों के बारे में भी बात की उन्होंने कहा कि इससे महामारी के खिलाफ किए जा रहे साझा प्रयासों को नुकसान होता है। कोरोना के भविष्य को लेकर महामारी विशेषज्ञ ने बताया कि हो सकता है कि आगे यह वायरस खत्म न हो, लेकिन इसकी मौजूदगी से कोई बड़ी परेशानी भी न हो। लेकिन ऐसी स्थिति आने का दावा अभी नहीं किया जा सकता। 
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इसी समिट में डॉक्टर फौची के साथ मौजूद संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ विल्डर स्मिथ ने कहा कि ओमिक्रॉन आखिरी वैरिएंट नहीं होगा और हम अभी महामारी से बाहर नहीं आ पाए हैं। 

अमेरिका के सबसे बड़े महामारी विशेषज्ञ हैं डॉक्टर फौची
गौरतलब है कि डॉक्टर फौची अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार हैं। इसके अलावा वे अमेरिका के राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान के निदेशक का पद भी संभाल रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान फौची की सलाहों को पूरी दुनिया में अहमियत मिली है और वायरस से लड़ाई में वे वैक्सीन के इस्तेमाल को बढ़ावा देते देखे गए हैं। 
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