क्या बोले कोलंबिया के राष्ट्रपति?
कोलंबियाई राष्ट्रपति ने अमेरिका की तरफ से कैरिबियाई सागर में तीन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इन नावों पर सवार लोग वेनेज़ुएला के ट्रेन डे अरागुआ गिरोह से जुड़े नहीं थे, जैसा कि ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था। उन्होंने कहा, “आपराधिक कार्रवाई उन अधिकारियों पर शुरू होनी चाहिए, चाहे वह आदेश देने वाला सबसे ऊंचा पदाधिकारी ही क्यों न हो- यानी राष्ट्रपति ट्रंप।”
पेट्रो ने अमेरिका के मादक पदार्थ ले जा रही नावों को निशाना बनाने का दावा भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इन नावों में सवार यात्री महज गरीब लातिन अमेरिकी युवा थे, जिनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। पेट्रो ने महासभा में कहा, “उन्होंने (अमेरिका ने) कहा कि कैरेबियन में मिसाइलों का इस्तेमाल ड्रग तस्करी रोकने के लिए किया गया। यह एक झूठ है। क्या वास्तव में निहत्थे, गरीब युवाओं पर बम बरसाना जरूरी था?”
सियासत: 'नाटो की मदद से यूक्रेन गंवाए हुए क्षेत्र रूस से वापस ले सकता है'; UNGA बैठक से इतर जेलेंस्की से ट्रंप
वेनेजुएला के राष्ट्रपति भी कर चुके हैं अमेरिका की आलोचना
दूसरी तरफ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने भी कहा कि उनकी सरकार अमेरिकी हमलों से निपटने के लिए संवैधानिक आदेश जारी करने की तैयारी कर रही है। मादुरो ने आरोप लगाया कि अमेरिका मादक पदार्थ तस्करी का बहाना बनाकर सैन्य कार्रवाई कर रहा है, ताकि उनकी सरकार को गिराया जा सके।
अमेरिका ने अब तक नहीं दिए नावों में नशीले पदार्थ होने से जुड़े सबूत
दूसरी तरफ अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जरूरी थी। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अमेरिका ने नावों में लदे कार्गो का आकलन कैसे किया और यात्रियों को गैंग से जुड़ा हुआ कैसे घोषित किया।