अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के मंच से खराब एस्केलेटर और टेलीप्रॉम्प्टर को लेकर की गई शिकायत पर अब यूएन ने खुद पलटवार किया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजैरिक ने साफ किया है कि एस्केलेटर की गड़बड़ी ट्रंप की टीम की वजह से हुई, जबकि टेलीप्रॉम्पटर की जिम्मेदारी भी व्हाइट हाउस की टीम की थी।
गौरतलब है कि ट्रंप ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देते हुए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकायत की कि उनका एस्केलेटर बीच में ही रुक गया और टेलीप्रॉम्प्टर भी काम नहीं कर रहा था। उन्होंने इन घटनाओं को संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर तंज करने के लिए इस्तेमाल किया था। ट्रंप ने मजाकिया अंदाज मे कहा था- जो भी इसे चला रहा है, वह बड़ी मुसीबत में है। उनकी इस बात पर पूरा हॉल हंस पड़ा।
यूएन ने भी किया पलटवार
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजैरिक ने साफ किया कि गलती संयुक्त राष्ट्र की नहीं थी। उन्होंने कहा, "अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के एक वीडियोग्राफर ने संभवतः गलती से एस्केलेटर की सुरक्षा प्रणाली (सेफ्टी मैकेनिज्म) को सक्रिय कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से एस्केलेटर में लोगों या चीजों को फंसने से बचाया जाता है। हो सता है कि वीडियोग्राफर ने गलती से इसी प्रणाली को सक्रिय कर दिया हो।
दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए टेलीप्रॉम्प्टर के संचालन की जिम्मेदारी भी व्हाइट हाउस की थी।
संयुक्त राष्ट्र ने यह भी बताया कि एस्केलेटर के रुकने की समस्या वहां नई नहीं है। हाल के महीनों में न्यूयॉर्क और जेनेवा स्थित दफ्तरों में आर्थिक संकट के कारण लिफ्ट और एस्केलेटर को कई बार बंद भी किया गया है। यह संकट आंशिक रूप से अमेरिका से मिलने वाले धन में देरी की वजह से है, जबकि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा आर्थिक सहयोगी है।
UN: 'सात महीनों में 7 बड़े युद्ध रुकवाए', ट्रंप ने फिर किया भारत-PAK के बीच संघर्ष विराम कराने का दावा
एस्केलेटर-टेलीप्रॉम्प्टर पर क्या था ट्रंप का पूरा बयान?
ट्रंप ने यूएन महासभा को संबोधित करते हुए कहा, 'संयुक्त राष्ट्र से मुझे बस एक एस्केलेटर मिला जो ऊपर जाते समय बीच में ही बंद हो गया, और फिर एक टेलीप्रॉम्प्टर जो काम नहीं कर रहा था। अगर प्रथम महिला अच्छी स्थिति में नहीं होतीं, तो वह गिर जातीं। हम दोनों अच्छी स्थिति में हैं। हम दोनों खड़े रहे।'
राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा, 'मुझे बिना टेलीप्रॉम्प्टर के यह भाषण देने में कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि टेलीप्रॉम्प्टर काम नहीं कर रहा है। मैं बस इतना कह सकता हूं कि जो भी इस टेलीप्रॉम्प्टर को चला रहा है, वह बड़ी मुसीबत में है।' भाषण शुरू होने के लगभग 10 मिनट बाद, ट्रंप ने कहा कि टेलीप्रॉम्प्टर काम करने लगा है। हालांकि, ट्रंप ने नोट्स से पढ़ना जारी रखा।
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर उठाए सवाल
भाषण के दौरान, ट्रंप ने कई संघर्षों में युद्धविराम के लिए बातचीत करने के अपने प्रयासों पर भी प्रकाश डाला और सात समझौतों का श्रेय लेने का दावा किया। हालांकि इन दावों पर सवाल भी उठे हैं। संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'यह अफसोस की बात है कि मुझे ये काम करने पड़े, जबकि ये काम संयुक्त राष्ट्र का होना चाहिए था।' उन्होंने कहा कि यूएन की क्षमता बहुत बड़ी है, लेकिन 'अभी वे सिर्फ कड़े शब्दों वाले पत्र लिखते हैं और उसके बाद कुछ नहीं करते।'