संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नहयान का निधन हो गया है। राज्य समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम ने शुक्रवार को यहा सूचना दी। बिन जायद अल नाहयान ने 3 नवंबर, 2004 से संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक के रूप में कार्य किया था।
पीएम मोदी ने जताया शोक
पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया, वह एक महान राजनेता और दूरदर्शी नेता थे, जिनके तहत भारत-यूएई संबंध समृद्ध हुए। भारत के लोगों की हार्दिक संवेदना यूएई के लोगों के साथ है। व हीं, शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान के निधन पर भारत ने एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, उनके सम्मान में पूरे भारत में भी 14 मई को एक दिन का राजकीय शोक रखा जाएगा।
2004 में पिता के निधन के बाद चुना गया था
उन्हें अपने पिता स्वर्गीय महामहिम शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के उत्तराधिकारी के रूप में चुना गया था, जिन्होंने 1971 से 2 नवंबर 2004 को अपने निधन तक यूएई के पहले राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था।
1948 में जन्मे शेख खलीफा यूएई के दूसरे राष्ट्रपति और अबू धाबी अमीरात के 16वें शासक थे। वह शेख जायद के सबसे बड़े बेटे थे। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति बनने के बाद से शेख खलीफा ने संघीय सरकार और अबू धाबी की सरकार दोनों के बड़े पुनर्गठन में बड़ी भूमिका निभाई थी।
उनके शासनकाल में यूएई का तेजी से विकास हुआ
उनके शासनकाल में संयुक्त अरब अमीरात में तेजी से विकास हुआ है साथ ही वापस देश लौटने वाले लोगों के लिए सभ्य जीवन सुनिश्चित हुआ है। राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने के बाद शेख खलीफा ने यूएई के नागरिकों और निवासियों की समृद्धि को केंद्र में रखते हुए संतुलित और सतत विकास हासिल करने के लिए अपनी पहली रणनीतिक योजना शुरू की थी।
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के रूप में उनका मुख्य उद्देश्य उनके पिता शेख जायद द्वारा निर्धारित मार्ग पर चलना जारी रखना था। उनका कहा था कि पिता की विरासत भविष्य में हमारा मार्गदर्शन करने वाली शक्ति बनी रहेगी, एक समृद्ध भविष्य जहां सुरक्षा और स्थिरता शासन करेगी। शेख खलीफा ने तेल और गैस क्षेत्र और उद्योगों के विकास को आगे बढ़ाया जिसने देश के आर्थिक विविधीकरण में बड़ा योगदान दिया है।
उन्होंने उत्तरी अमीरात की जरूरतों का अध्ययन करने के लिए पूरे संयुक्त अरब अमीरात में व्यापक दौरे किए। इसके बाद उन्होंने आवास, शिक्षा और सामाजिक सेवाओं से संबंधित कई परियोजनाओं के निर्माण के निर्देश दिए।