जानकारी के मुताबिक, यह कदम तब उठाया गया जब यह देखा गया कि अधिकांश कंपनियां अपने कर्मचारियों का स्वास्थ्य बीमा व श्रमिक मुआवजा (कार्य-संबंधी चोटें और मृत्यु) के तहत बीमा कर रही हैं। हालांकि, कर्मचारियों की प्राकृतिक मृत्यु के लिए कोई अनिवार्य बीमा कवरेज नहीं है, और इसलिए मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों/आश्रितों को प्राकृतिक मृत्यु के मामलों में कोई मुआवजा नहीं मिलता है। बीमा प्रदाता गर्गश इंश्योरेंस सर्विसेज एलएलसी और ओरिएंट इंश्योरेंस पीजेएससी जीवन सुरक्षा योजना (एलपीपी) जारी करने पर सहमत हुए। एलपीपी 1 मार्च से प्रभावी है।
प्राकृतिक होती हैं अधिकांश मौतें
यूएई में करीब 35 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें से 65% ब्लू-कॉलर श्रमिक हैं। यह यूएई में प्रवासी श्रमिकों के सबसे बड़े समूहों में से एक हैं। पिछले वर्ष, करीब 1,000 मौतें दर्ज की गईं। यह देखा गया है कि 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में मौत का कारण प्राकृतिक है।