केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी तीन दिवसीय सिंगापुर की यात्रा शुरू की। सिंगापुर पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले युद्ध स्मारक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि दी। जयशंकर ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी।
सिंगापुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को दी श्रद्धांजलि
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मैंने सिंगापुर की यात्रा शुरू की। सिंगापुर में आईएनए स्मारक उनकी देशभक्ति और भावना को पहचानता है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।"
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद जयशंकर इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज पहुंचे। वहां उन्होंने वैश्वीकरण के उदाहरण पर जोर दिया। उन्होंने विदेश नीति पर भी बात की और इसके महत्व को बताया।
जयशंकर ने कहा, "हम वैक्सीन के बहुत बड़े उत्पादत थे। मैं उन पांच मंत्रियों के ग्रुप में शामिल था, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन से निपटने का काम सौंपा था। इसका एक हिस्सा महामारी को अपनी तरफ आते देखना था और देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमताओं के साथ उस वक्त की जरूरी बाकी प्रतिक्रियाओं को बढ़ाना था। जब एक बार हमने काम करना शुरू कर दिया तो वैश्वीकरण के अन्य पहलू भी दिखाई देने लगे, जिसने हमें बताया कि विदेश नीति क्यों जरूरी है।"
वाई भारत मैटर्स पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा, "यह कहते हुए अच्छा लगता है कि हम आपकी जिंदगी में पहले की तुलना में ज्यादा महत्व रखते हैं, क्यों? क्योंकि हम बहुत बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। आज यह देश एक साल में आठ एयरपोर्ट बनाता है। हर दिन 28 किमी राजमार्ग बनाता है। इसके साथ ही पिछले 10 वर्षों से इसने एक दिन में दो कॉलेज बनाए हैं।"
सिंगापुर के प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात
एक आधिकरिक बयान में जानकारी दी गई कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर शनिवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग समेत शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जयशंकर की यह यात्रा सिंगापुर और भारत के बीच घनिष्ठ मित्रता को रेखांकित करती है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग में हुई अच्छी प्रगति पर चर्चा जारी रखने का एक बेहतरीन अवसर है।
अपनी इस यात्रा के दौरान एस. जयशंकर अपने समकक्ष विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन, व्यापार एवं उद्योग मंत्री गैन किम योंग और गृह व कानून मंत्री शणमुगम से भी मुलाकात करेंगे। रविवार को वह भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे और भारतीय समुदाय के साथ बातचीत भी करेंगे।