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UNGA: अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने की भारत की चुनाव प्रक्रिया की तारीफ; यूएनएससी में सुधार का भी किया समर्थन

Tue, 24 Sep 2024 10:24 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र।

सार

UNGA: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष दुनिया के कई देशों में लोगों ने शांतिपूर्ण चुनावों के जरिए अपना भविष्य चुना है। इसके लिए उन्होंने भारत, घाना और दक्षिण कोरिया जैसे देशों का उदाहरण दिया।
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष दुनिया के कई देशों में लोगों ने शांतिपूर्ण चुनावों के जरिए अपना भविष्य चुना है। इसके लिए उन्होंने भारत, घाना और दक्षिण कोरिया जैसे देशों का उदाहरण दिया। उन्होंने भारत की विशाल लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की प्रशंसा की। 

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बाइडन ने कहा, हमने देखा है कि दुनिया भर में लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपना भविष्य चुन रहे हैं। घाना से लेकर भारत और दक्षिण कोरिया तक दुनिया की एक चौथाई आबादी चुनावों के जरिए अपने नेताओं को चुन रही है। यह बाइडन का अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में आखिरी संबोधन था। उन्होंने कहा कि 1972 में अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने के बाद से अब तक उन्हें भविष्य को लेकर इतनी उम्मीद कभी हुई, जितनी अभी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संयुक्त राष्ट्र के 'भविष्य का शिखर सम्मेलन' में इसी विषय पर अपने विचार रखे थे। उन्होंने इस साल हुए लोकसभा चुनावों को दुनिया के सबसे लोकतांत्रिक अभ्यास के रूप में पेश किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, मानव इतिहास के सबसे बड़े चुनाव में भारत के लोगों ने मुझे लगातार तीसरी बार सेवा का अवसर दिया है। 
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नवंबर में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव
अमेरिका भी नवंबर में अपने नए राष्ट्रपति के लिए मतदान करेगा। भारतीय मूल की कमला हैरिस डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं। जबकि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। बाइडन ने इस साल घोषणा की कि वे दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे और अब कमला हैरिस उनके उत्तराधिकारी के रूप में व्हाइट हाउस की दौड़ में है। 

बाइडन ने अपने संबोधन में कहा, यह फैसला लेना कठिन था कि क्या मैं दूसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए खड़ा होऊं या नहीं। लेकिन मैंने तय किया कि अब नई पीढ़ी को नेतृत्व करने का मौका देना चाहिए। सत्ता में बने रहने से ज्यादा और भी महत्वपूर्ण चीजें होती हैं और वह हैं हमारे लोग। हम यहां लोगों की सेवा के लिए हैं। 



'हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करेगा अमेरिका'
बाइडन ने चीन को लेकर भी सख्त संदेश दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने गठबंधन और साझेदारियों को मजबूत करना जारी रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये साझेदारियों किसी देश के खिलाफ नहीं हैं। बल्कि एक स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए हैं। 

'दक्षिण चीन सागर में शांति बनाए रखना जरूरी'
बाइडन ने अपने अंतिम संबोधन में दक्षिण चीन सागर में सैन्य दबाव और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने  कहा, हमें सिद्धांतों का पालन करना होगा, ताकि चीन के साथ प्रतिस्पर्धा जिम्मेदारी से हो और यह संघर्ष में न बदल जाए। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका की अत्याधुनिक तकनीकों की सुरक्षा की बात की, ताकि वे उनके या उके साझेदारों के खिलाफ इस्तेमाल न हो सकें।

'संयुक्त राष्ट्र को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने की जरूरत'
बाइडन ने अपने संबोधन में संयुक्त राष्ट्र को और अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, हमें चीजें मिलकर करनी होंगी। इसके लिए हमें एक मजबूत, प्रभावी और समावेशी संयुक्त राष्ट्र की आवश्यकता है। उन्होंने यूएनएससी की सदस्यता के विस्तार और सुधार का समर्थन करते कहा, हम सुरक्षा परिषद की सदस्यता में सुधार और विस्तार का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार वैश्विक सहयोग को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक है। 

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