नेपाल के नए प्रधानमंत्री बनने वाले केपी शर्मा ओली शनिवार काफी व्यस्त नजर आए। दरअसल एक दिन बाद सोमवार को नेपाली कांग्रेस और सीपीएन यूएमएल गठबंधन के नए नेता के तौर पर वो प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इससे पहले केपी शर्मा ओली ने कैबिनेट में शामिल मंत्रियों के नामों पर गठबंधन के पार्टी नेताओं के साथ चर्चा की है।
पीएम के साथ छोटा मंत्रिमंडल लेगा शपथ- सूत्र
वहीं एनसी और यूएमएल के करीबी सूत्रों ने बताया, हालांकि, राष्ट्रपति सोमवार सुबह नए प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों को शपथ दिला सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह शुरू होने से पहले सोमवार को एक छोटे मंत्रिमंडल की घोषणा होने की संभावना है। देश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली, एक बार फिर प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं, क्योंकि मौजूदा प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' शुक्रवार को संसद में विश्वास मत हासिल करने में विफल रहे।
राष्ट्रपति ने रविवार तक दी थी समयसीमा
इससे पहले शुक्रवार देर रात, ओली ने नेपाली कांग्रेस (एनसी) के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के समर्थन से अगला प्रधानमंत्री बनने का दावा पेश किया और संविधान के अनुच्छेद 76-2 के तहत सरकार बनाने के लिए प्रतिनिधि सभा (एचओआर) के 165 सदस्यों - उनकी पार्टी के 77 और एनसी के 88 - के हस्ताक्षर पेश किए। बता दें कि राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने शुक्रवार को राजनीतिक दलों से रविवार शाम तक बहुमत साबित करने की समयसीमा के साथ नई सरकार बनाने का दावा पेश करने का आह्वान किया था।
यूएमएल को मिलेगा पीएम और आठ मंत्री पद- सूत्र
वहीं ओली के करीबी एक सूत्र ने बताया कि कुल 21 मंत्रालयों में से नेपाली कांग्रेस को नौ मंत्रालय और यूएमएल को आठ तथा प्रधानमंत्री का पद मिलेगा। सूत्र ने बताया, गृह, विदेश, वित्त और ऊर्जा जैसे प्रमुख पदों को एनसी और यूएमएल के बीच बांटा जाएगा। नेपाली कांग्रेस को गृह विभाग मिलने की संभावना है, जबकि वित्त यूएमएल को मिलेगा।
'आज मंत्रिमंडल के नामों को दिया गया अंतिम रूप'
इससे पहले शनिवार को दिन में सीपीएन-यूएमएल ने भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करने और नए मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। पूर्व उप प्रधानमंत्री और वरिष्ठ एनसी नेता प्रकाश मान सिंह ने कहा, बैठक में देश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की गई और ओली के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नामों को अंतिम रूप दिया गया।