रुस और यूक्रेन के बीच संघर्ष की खबरों के बीच भारत हमेशा कहता रहा है कि इस तनाव और संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जा सकता है। अब खबर सामने आ रही है कि यूक्रेन के विदेश मंत्री इस महीने के अंत में भारत यात्रा पर आ सकते हैं। इस मामले के जानकार लोगों को कहना है कि यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा की भारत यात्रा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
शांति शिखर सम्मेलन के लिए समर्थन मांगेंगे कुलेबा
आपको बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के बाद दिमित्रो कुलेबा की यह पहली भारत यात्रा होगी। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो मार्च महीने के अंत में कुलेबा भारत में होंगे। यहां वह भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। जानकारों का कहना है कि एस जयशंकर से मुलाकात के दौरान कुलेबा स्विट्जरलैंड में होने वाले शांति शिखर सम्मेलन के लिए भारत का समर्थन मांगेंगे। दोनों विदेश मंत्रियों की मुलाकात नई दिल्ली में होने की उम्मीद है।
इससे पहले जनवरी 2024 में दिमित्रो कुलेबा और एस जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। उस दौरान दोनों के बीच यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और कीव के शांति फॉर्मूले पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी ने दिलाया था यह भरोसा
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के बीच भारत हमेशा कहता रहा है कि इसका हल आपस में बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जा सकता है। मई 2023 में जी 7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात में पीएम मोदी ने जेलेंस्की को भरोसा दिलाया था कि रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष का समाधान खोजने के लिए भारत से जो भी होगा वह करेगा।