रूस ने बदली रणनीति, काफिला बांटा
कीव पर कब्जे के लिए रूस ने 64 किमी लंबे अपने सैन्य काफिले को लेकर रणनीति कुछ बदली है। उसने अपने काफिले को अब बांट दिया है। यह काफिला अब तितर-बितर होकर कई जगहों पर बिखर गया है। कीव अब सिर्फ 27 किलोमीटर दूर है, जहां से राजधानी पर कब्जा करने की अंतिम तैयारी कर ली गई है।
सामूहिक कब्रों में दफन कार्यक्रम रुक-रुककर जारी
रूसी सेना लगातार बम और मिसाइलें बरसाकर यूक्रेन को तबाह कर रही है। मैरियूपोल में हालात सबसे खराब हैं। यहां यूक्रेनी सैनिकों के साथ आम नागरिक भी मारे जा रहे हैं। सामूहिक कब्रों में शवों को दफनाने के बाद भी कई शव गलियों और सड़कों पर बिखरे पड़े हैं। शहर के अधिकारी शवों को सामूहिक कब्र में दफनाने की व्यवस्था कर रहे हैं लेकिन गोलीबारी के बीच ये काम भी रुक-रुककर करना पड़ रहा है।
रिपब्लिकन सांसदों ने बाइडन प्रशासन से यूक्रेन में पोलैंड के लड़ाकू विमान भेजने की मांग की
अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के कई सांसदों ने बाइडन प्रशासन पर अपना रुख बदलने का दबाव बनाते हुए उससे यूक्रेन में रूसी हमलों से निपटने के लिए पोलैंड के लड़ाकू विमान भेजने की अनुमति देने की मांग की है। रिपब्लिकन पार्टी के 40 सांसदों ने अयोवा से सांसद जोनी अर्न्स्ट और ऊटा से सांसद मिट रोमनी द्वारा तैयार एक पत्र पर दस्तखत किए हैं।
इस पत्र में राष्ट्रपति जो बाइडन से यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की उस अपील का जवाब देने की मांग की गई है, जिसमें उन्होंने बीते सप्ताहांत अमेरिकी सांसदों से कहा था कि अगर अमेरिका देश के हवाई क्षेत्र को ‘उड़ान निषेध क्षेत्र’ घोषित नहीं कर सकता है तो कम से कम वह रूसी हमलों से निपटने के लिए कीव को अतिरिक्त लड़ाकू विमान तो भेज ही सकता है।
सांसद रोमनी ने कहा, बातचीत बहुत हो चुकी। लोग मर रहे हैं। उन्हें जरूरी लड़ाकू विमान भेजें। मेन से रिपब्लिकन सांसद सुजैन कॉलिंस ने कहा, विनाश देखना दर्दनाक है, खासतौर पर प्रसूति अस्पताल पर रूसी हमले जैसी घटनाओं को। यूक्रेन को जरूरी लड़ाकू विमान उपलब्ध न कराना अस्वीकार्य है।