सुनक ने शनिवार को एक बयान में कहा, जीवन का मतलब जीवन है और न्यायाधीशों को उन अपराधियों को अनिवार्य रूप से आजीवन कारावास की सजा देना अनिवार्य होगा जो जघन्य हत्या करते हैं। नया कानून कुछ परिस्थितियों को छोड़कर न्यायाधीशों से गंभीर अपराधियों को आजीवन सलाखों के पीछे भेजने के आदेश की अपेक्षा रखेगा।
भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने आगे कहा, मैंने हाल ही में देखे गए क्रूर अपराधों पर जनता की भयावहता को साझा किया है। लोग की उम्मीद सही है कि सबसे गंभीर मामलों में इस बात की गारंटी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन का मतलब जीवन है और लोग सजा में ईमानदारी की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा कि जघन्य अपराधियों के लिए अनिवार्य आजीवन कारावास का आदेश लाकर हम सुनिश्चित करेंगे कि वे कभी जेल से न छूटें।
उत्तरी इंग्लैंड के एक अस्पताल में सात नवजात शिशुओं की हत्या के मामले में दोषी पाए जाने के बाद नर्स लूसी लेटबी को आजीवन कारावास की सजा का आदेश दिया गया था। ब्रिटेन के वैधानिक प्रावधान मौत की सजा की अनुमति नहीं देते हैं। इसलिए यहां दी जाने वाली सबसे कठोर सजा आजीवन कारावास की अवधि है। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि चीजों को कानूनी आधार पर रखने से न्यायाधीशों को अपीलीय अदालतों में चुनौती के जोखिम के बिना आजीवन कारावास के आदेश देने मेंअधिक आत्मविश्वास होगा।
कानूनी फेरबदल के तहत किसी भी यौन प्रेरित हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा होगी। न्याय मंत्री एले्स चॉक ने कहा, हत्यारों के लिए अब आजीवन सजा के आदेश की अपेक्षा होगी। कानून में यह महत्वपूर्ण बदलाव सुनिश्चित करेगा कि सबसे खराब व्यक्ति अपना शेष जीवन जेल की सलाखों के पीछे बिताए। ब्रिटेन की सरकार ने कहा कि वह अगले महीने संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश से लौटने के साथ ही इन बदलावों के लिए कानून बनाएगी।
कोरू किड्स मामले में माफी मांग चुके हैं सुनक
गत हफ्ते की शुरुआत में ब्रिटेन की संसदीय निगरानी संस्था ने एक जांच रिपोर्ट जारी की थी। इसमें कहा गया है कि सुनक अनजाने में कंपनी कोरू किड्स में अपनी पत्नी के शेयरों की सही घोषणा करने में विफल रहे थे, जो सरकार की बजट नीति से लाभान्वित होने वाली थी। सुनक ने अनजाने में उल्लंघन के लिए माफी मांगी और मामला बंद कर दिया गया।