ब्रिटेन में एक बुजुर्ग सिख महिला पर निर्वासन की तलवार लटकी है। गौरतलब है कि महिला बेसहारा है और ब्रिटेन के गुरुद्वारे में सेवा करके जीवन जी रही हैं। ऐसे में महिला के निर्वासन का बड़ी संख्या में लोग विरोध कर रहे हैं। ब्रिटेन की अदालत में एक सामाजिक संगठन ने याचिका दायर कर महिला का निर्वासन रोकने की अपील की है। खास बात ये है कि इस याचिका पर 65 हजार लोगों के हस्ताक्षर हैं।
याचिका में लिखा गया है कि महिला गुरमीत कौर का ना ब्रिटेन में और ना भारत के पंजाब में कोई परिवार है। वह स्मेथविक इलाके में स्थित गुरुद्वारे में सेवा करती हैं और वहीं रहती हैं। गुरमीर ने ब्रिटेन में ही रहने की अपील की थी लेकिन वह अपील ठुकरा दी गई। याचिका में कहा गया है कि गुरमीत कौर बेहद ही दयालु महिला हैं और वह गुरुद्वारे में सेवा करके अपनी जीवन जीती हैं। यहां तक कि ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान के दौरान भी उन्होंने लोगों की सेवा की थी।
याचिका के अनुसार, गुरमीत कौर साल 2009 में एक शादी में शामिल होने अपने परिवार के साथ ब्रिटेन आईं थी और उसके बाद से ही स्मेथविक इलाके में रह रही हैं। उनके पास वापस जाने के लिए भी पैसे नहीं थे। इसलिए वह अपने बेटे के पास ही रह रही थीं। गुरमीत कौर के पति की मौत हो चुकी है और अब उन्हें उनके बच्चों ने भी छोड़ दिया है। बता दें कि साल 2020 में एक अभियान चलाकर गुरमीत कौर को ब्रिटेन में रहने देने की अपील की गई थी। हालांकि इसके बावजूद ब्रिटेन की सरकार ने उन्हें निर्वासित करने का आदेश दिया। अब गुरमीत कौर को ब्रिटेन में रहने देने के लिए सोशल मीडिया पर प्रचार अभियान चल रहा है।