अमेरिका में पढ़ाई कर रहे दो भारतीय छात्रों को एक बुजुर्ग व्यक्ति से ठगी और चोरी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी छात्र महम्मदिलहम वाहोरा (24) और हाजियाली वाहोरा शिकागो की ईस्ट-वेस्ट यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं और छात्र वीजा पर अमेरिका में रह रहे थे। मामले में एल पासो काउंटी शेरिफ कार्यालय के मुताबिक, दोनों को इस महीने एल पासो काउंटी जेल में बंद किया गया है और उन पर बुजुर्गों के खिलाफ अपराध, चोरी, डकैती और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं।
सरकारी एजेंट बनकर बुजुर्ग व्यक्ति को डराया
बता दें कि यह मामला अक्टूबर 2024 का है, जब शेरिफ के क्षेत्रीय संचार केंद्र को एक बुजुर्ग से शिकायत मिली कि उन्हें एक ठग ने फोन कर खुद को सरकारी एजेंट बताया और बार-बार धमकाया। डर के कारण बुजुर्ग ने क्रिप्टोकरेंसी एटीएम के जरिए पैसे भेजे और सोना खरीदा, जिसे बाद में आरोपी उनसे व्यक्तिगत रूप से लेकर चले गए।
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मोबाइल टावर डेटा से हुई छात्रों की पहचान
जांच के दौरान अधिकारियों ने मोबाइल टावर डेटा की मदद से दोनों छात्रों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामले में शेरिफ जोसेफ रॉयबल ने कहा कि हमारे बुजुर्ग नागरिकों को धोखा देने वाले किसी भी व्यक्ति को शर्म आनी चाहिए। घोटालों के ये गिरोह हर जगह फैले हैं।
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शेरिफ कार्यालय ने लोगों को दी चेतावनी
वहीं इस मामले में शेरिफ कार्यालय ने लोगों को चेताया है कि अगर कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी, बैंक अफसर या आईटी विशेषज्ञ बताकर पैसे, क्रिप्टो या सोना देने को कहे तो सतर्क रहें। ये घोटालेबाज अक्सर बुजुर्गों को डराकर उनसे बड़ी रकम निकलवाते हैं और उसे नकद, क्रिप्टो या सोने में बदलवाकर खुद ले जाते हैं। इसके साथ ही अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अपने बुजुर्ग परिजनों से इस तरह की धोखाधड़ी के संकेतों के बारे में खुलकर बात करें और किसी भी अज्ञात कॉल या मेल पर बिना जांच किए कोई कार्रवाई न करें।