तुर्किये के राष्ट्रपति रैचप तैयप एर्दोगन ने शनिवार को अपने एक बयान में कहा कि इस्राइली आतंकवाद को रोकने के लिए इस्लामी देशों को एकजुट होना होगा। एर्दोगन ने कहा कि इस्राइल की विस्तारवादी नीति बढ़ती जा रही है। तुर्किये के राष्ट्रपति के इस बयान पर इस्राइली विदेश मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में एक तुर्किये-अमेरिकी मूल की महिला की वेस्ट बैंक इलाके में कथित तौर पर इस्राइली सैनिकों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। महिला इस्राइल द्वारा वेस्ट बैंक में नई बस्ती बसाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची थी।
पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते सुधारने में जुटा तुर्किये
इस्तांबुल में इस्लामिक स्कूल एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए एर्दोगन ने कहा कि 'इस्राइल के अहंकार और इस्राइली आतंकवाद को रोकने का एक ही तरीका है और वो है इस्लामी देशों का गठबंधन।' तुर्किये के राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के समय में उन्होंने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे मिस्त्र और सीरिया के साथ तुर्किये के संबंध बेहतर हो सकें। तुर्किये के राष्ट्रपति पड़ोसी देश सीरिया के साथ भी अपने रिश्तों को मजबूत करने में जुटे हैं। सीरिया में साल 2011 में गृह युद्ध छिड़ने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आ गया था।
अरब देशों के साथ भी रिश्ते बेहतर कर रहा तुर्किये
इसी हफ्ते मिस्त्र के राष्ट्रपति ने तुर्किये का दौरा किया था। इस दौरे पर दोनों देशों के नेताओं के बीच गाजा युद्ध को लेकर चर्चा हुई थी। यह मिस्त्र के किसी राष्ट्रपति का बीते 12 वर्षों में पहला तुर्किये दौरा है। तुर्किये संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के साथ भी अपने रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। एर्दोगन के बयान पर इस्राइल के विदेश मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा कि एर्दोगन का बयान खतरनाक झूठ और भड़काऊ है। उन्होंने आरोप लगाया कि तुर्किये के राष्ट्रपति लंबे समय से ईरान के साथ मिलकर अरब देशों के प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।