ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सईद
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ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति ने कहा है कि कुछ युवाओं को देश छोड़कर अवैध तरीके से यूरोप जाने के लिए धन दिया जा रहा है और इसका लक्ष्य देश को भीतर से नुकसान पहुंचाना तथा यूरोप के साथ रिश्ते खराब कराना है।
राष्ट्रपति ने संसद निलंबित करने के बाद कहा, देश को बचाने के लिए जरूरी था यह कदम
राष्ट्रपति कैस सईद ने कहा कि राजधानी ट्यूनिस के ऐतिहासिक ‘एवेन्यू बोरगुइबा’ में घूमते वक्त यह बात कही। इस दौरान वहां से गुजरने वाले लोगों ने ‘ट्यूनीशिया’ के नारे भी लगाए।
बता दें कि राष्ट्रपति ने रविवार को ही संसद निलंबित कर सांसदों को हासिल संरक्षण वापस ले लिया था और प्रधानमंत्री को पद से हटाकर कार्यकारी शक्तियां अपने हाथों में ले ली थी। सईद ने कहा था कि बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई और कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाने में विफलता को लेकर जनता के रोष को देखते हुए देश को बचाने के लिए ये कदम आवश्यक है।
सईद ने कहा कि उनके देश के ही कुछ लोग युवाओं को यूरोप जाने के लिए धन दे रहे हैं और उनका इरादा बड़ी संख्या में अवैध आव्रजन को दोबारा शुरू करना है, जो एक दशक पहले ट्यूनीशिया आंदोलन के बाद शुरू हुआ था।