फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस कठिन समय में भगवदगीता में खोजें शक्ति और शांति: तुलसी गबार्ड

Sat, 13 Jun 2020 02:42 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
विज्ञापन
तुलसी गबार्ड (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
विज्ञापन

अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड ने कहा है कि इस कठिन समय में आप भगवदगीता से निश्चितता, शक्ति और शांति पा सकते हैं। अपने वर्चुअल संंबोधन में 39 साल की हवाई से कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस अराजक समय में कोई भी निश्चितता के साथ यह नहीं कह सकता कि कल कैसा होगा।

विज्ञापन


गबार्ड ने छात्रों से कहा, हमें भक्ति योग और कर्म योग के अभ्यास में निश्चितता, शक्ति और शांति पा सकते हैं जो हमें कृष्ण द्वारा भगवत गीता में सिखाया गया है। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पुलिस हिरासत में अफ्रीकी-अमेरिकी शख्स जॉर्ड फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

हिंदू छात्र परिषद द्वारा सात जून को पहली बार आभासी हिंदू कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसे फेसबुक और यूट्यूब के जरिए हजारों लोगों ने देखा। सभी कोविड-19 संकट के दौरान एकजुटता के लिए साथ आए। जॉन हॉपकिंस कोरोना वायरस रिसोर्स सेंटर के अनुसार वायरस के कारण दुनियाभर में 76,00,000 से ज्यादा लोग संक्रमित और 4,25,000 से ज्यादा की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन


कोरोना ने अमेरिका को बहुत ज्यादा प्रभावित किया है। यहां 2.4 मिलियन (24 लाख) से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं जबकि 1,14,000 लोगों की मौत हो गई है। पिछले साल चीन के वुहान से शुरू हुए वायरस ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। दुनिया के वैज्ञानिक इसका टीका या इलाज ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।

अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, भारत और ऑस्ट्रेलिया के सैकड़ों स्नातकों ने अपने साझा हिंदू मूल्यों का जश्न मनाते हुए इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रोफेसर सुभाष काक ने समारोह के ग्रैंड मार्शल के रूप में कार्य किया। संबोधन में गबार्ड ने कहा, 'जैसा कि आप अपने जीवन के इस नए अध्याय के बारे में सोचते हैं, अपने आप से पूछें कि मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है? यह एक गहराई वाला सवाल है। यदि आपको पता चल जाता है कि आपका उद्देश्य भगवान या उसके बच्चों की सेवा करना है तो कर्म योग का अभ्यास कीजिए तब आप वास्तव में सफल जीवन जी सकते हैं।'

उन्होंने कहा, 'सफलता अस्थायी भौतिक चीजों, आभूषण, चमकदार वस्तुओं या उपलब्धियों से परिभाषित नहीं होती है। यह एक गहरी सफल और सुखी जीवन सेवा के आसपास केंद्रित होती है।' इस कार्यक्रम में हिंदू प्रार्थना की गई। बता दें कि हिंदू छात्र परिषद की स्थापना 1990 में हुई थी। यह उत्तर अमेरिका का सबसे बड़ा अखिल हिंदू युवा संगठन है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें