राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि पिछले सप्ताह संसद द्वारा उनके पूर्व वकील से की गई पूछताछ भी उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ उनकी शिखर वार्ता की विफलता के कारणों में से एक है। हालांकि, उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बैठक के सफल रहने का दावा किया है। वियतनाम में बृहस्पतिवार को उत्तर कोरिया के निरस्त्रीकरण को लेकर हुई ट्रंप और किम की दूसरी शिखर वार्ता विफल हो गई थी।
ट्रंप ने कहा था कभी-कभी आपको चलना पड़ता है और यह उन दिनों में से एक था। उसी समय डेमोक्रैट्स की अगुवाई वाली कांग्रेस की एक समिति ने ट्रंप के पूर्व वकील माइकल कोहेन से पूछताछ की थी। कोहेन ने ट्रंप पर नस्ली और धोखेबाज होने का आरोप लगाया था। रविवार को ट्रंप ने कहा कि सुनवाई भी वार्ता के विफल होने का कारण है।
उन्होंने ट्वीट किया कि उत्तर कोरिया के साथ महत्वपूर्ण परमाणु शिखर वार्ता के समय डेमोक्रैट्स का खुली सुनवाई में दोषी करार दिए गए झूठे व्यक्ति और धोखेबाज से पूछताछ करना वार्ता विफल होने का कारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि शायद यह अमेरिकी राजनीति का नया पतन था।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के देश से बाहर रहने के दौरान ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। शर्मनाक।
हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने सीबीएस के कार्यक्रम ‘फेस द नेशन’ में रविवार को कहा कि शिखर वार्ता को एक सफलता के रूप में देखा जाना चाहिए क्योंकि राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रीय हितों की रक्षा की और इसे आगे बढ़ाया।