मिस्र के एक प्रमुख फोटो पत्रकार को पांच साल की जेल के बाद रिहा कर दिया गया। पत्रकार के परिवार और वकील ने यह जानकारी दी। "शॉकान" के रूप में जाने जाने वाले फोटो पत्रकार महमूद अबू जैद को साल 2013 के धरना प्रदर्शन में संलिप्त होने के लिए दोषी ठहराया गया था। बड़े पैमाने पर हुए उन विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों ने अभियान चलाया था, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे।
महमूद के वकील, ताहिर अबुएल-नासेर ने कहा कि उन्हें सोमवार सुबह काहिरा के गिजा स्थित एक पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया। उनके परिवार ने उनकी रिहाई की पुष्टि की।
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी ने हाल के वर्षों में पत्रकारों पर अभूतपूर्व कार्रवाई की है। कार्रवाई के तहत दर्जनों पत्रकारों को हिरासत में ले लिया गया, जबकि कुछ विदेशी पत्रकारों को देश से निकाल दिया गया।
सितंबर में देश की एक अदालत ने पांच साल की सजा के बाद शॉकान की रिहाई का आदेश दिया था।