पाक मीडिया के मुताबिक, इस्लामाबाद की अतिरिक्त सत्र अदालत के न्यायाधीश जफर इकबाल ने मंगलवार को मामले की सुनवाई की और अभियोग की तारीख सात फरवरी तय की। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि खान को बांड के रूप में 20,000 रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है।
पाकिस्तान की अदालत तोशखाना मामले में सात फरवरी को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर आरोप तय करेगी। 70 वर्षीय खान पर तोशखाना नामक राज्य डिपॉजिटरी से लिए गए उपहारों और उनकी बिक्री से आय की जानकारी साझा नहीं करने का आरोप है। साथ ही उन पर यह आरोप लगाया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में मिले उपहार को लाभ के लिए बेच दिया।
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पाक मीडिया के मुताबिक, इस्लामाबाद की अतिरिक्त सत्र अदालत के न्यायाधीश जफर इकबाल ने मंगलवार को मामले की सुनवाई की और आरोप तय करने की तारीख सात फरवरी तय की। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अदालत ने खान को बांड के रूप में 20,000 रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है। साथ ही अगली सुनवाई पर अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पिछले साल 21 अक्तूबर को कहा था कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने प्रधानमंत्री के रूप में मिले उपहारों के बारे में गलत घोषणाएं की हैं। बाद में चुनाव आयोग ने तोशखाना मामले में झूठे बयान और गलत घोषणा करने के लिए इमरान खान को संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था।
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पाक चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, तोशखाना से निर्धारित मूल्य के आधार पर 21.5 मिलियन रुपये में तोहफे खरीदे गए, जबकि उनका मूल्य लगभग 108 मिलियन रुपये था। पाकिस्ताना के कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति को गिफ्ट रखने की अनुमति देने से पहले विदेशी उपहारों को मूल्यांकन के लिए तोशखाना या कोषागार में जमा करना जरूरी है। सरकारी अधिकारियों को मिलने वाले किसी भी उपहार की रिपोर्ट करना जरूरी है। बड़े उपहार तोशखाना भेजे जाते हैं, लेकिन प्राप्तकर्ता उन्हें 50 प्रतिशत तक की छूट पर वापस खरीद सकते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले साल सितंबर में यह स्वीकार किया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मिले कम से कम चार तोहफे बेचे थे। इमरान खान 2018 में प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन अप्रैल 2022 में संसद में अविश्वास मत के जरिए उन्हें पद से हटा दिया गया था।