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Easter Attacks: श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति सिरिसेना ने कैथोलिक समुदाय से मांगी माफी, 270 लोगों की हुई थी मौत

Tue, 31 Jan 2023 04:49 PM IST
गुलाम अहमद वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने बीते 12 जनवरी को पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना को पीड़ितों को मुआवजे के रूप में 100 मिलियन श्रीलंकाई रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उनकी माफी आई है। पीड़ितों को भुगतान करने में विफल होने पर उन्हें अदालत की अवमानना के आरोप में जेल भी जाना पड़ सकता है।
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Maithripala Sirisena - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने 2019 में ईस्टर संडे के दिन हुए बम धमाकों के लिए कैथोलिक ईसाइयों से माफी मांगी है। सिरिसेना ने मंगलवार को कोलंबो में अपनी फ्रीडम पार्टी के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दूसरों द्वारा किए गए आतंकी कृत्य के लिए मैं कैथोलिक समुदाय से माफी मांगता हूं। 

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आईएसआईएस से जुड़े इस्लामी चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के नौ आत्मघाती हमलावरों ने 21 अप्रैल, 2019 को तीन कैथोलिक चर्चों और कई लग्जरी होटलों में सिलसिलेवार धमाकों को अंजाम दिया था, जिसमें 270 से अधिक लोग मारे गए थे। इस बम धमाकों के बाद श्रीलंका में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया था। तत्कालीन राष्ट्रपति सिरिसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को पूर्व खुफिया जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद हमलों को रोकने में विफलता के लिए दोषी ठहराया गया था। 

बता दें, श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने बीते 12 जनवरी को पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना को पीड़ितों को मुआवजे के रूप में 100 मिलियन श्रीलंकाई रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उनकी माफी आई है। पीड़ितों को भुगतान करने में विफल होने पर उन्हें अदालत की अवमानना के आरोप में जेल भी जाना पड़ सकता है। सिरिसेना 2015 से 2019 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति थे। मंगलवार को ही उन्होंने 2024 में होने वाला राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
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जांच पैनल ने तत्कालीन राष्ट्रपति को पाया था लापरवाही का दोषी
पीड़ितों के परिजनों, कैथोलिक पादरी और श्रीलंका के बार एसोसिएशन सहित 12 याचिकाकर्ताओं ने हमलों को रोकने में लापरवाही के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति के खिलाफ मौलिक अधिकार याचिका दायर की थी। हमलों के बाद सिरिसेना द्वारा नियुक्त जांच पैनल ने तत्कालीन राष्ट्रपति को हमलों को रोकने में उनकी विफलता के लिए दोषी पाया था। हालांकि, सिरिसेना ने जांच पैनल के निष्कर्षों के खिलाफ याचिका दायर की थी। सिरिसेना ने आरोप से इनकार किया था और चूक के लिए तत्कालीन रक्षा एजेंसियों को दोषी ठहराया है।

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