कनाडा के तीन प्रांत मैनिटोबा, अल्बर्टा और सस्केचेवान में जंगल की भीषण आग ने तबाही मचा दी है। फलस्वरूप रविवार तक 25,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है। वहीं मैनिटोबा ने आपातकाल की घोषणा कर दी है और वहां से 17,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। अल्बर्टा से 1,300 और सस्केचेवान से करीब 8,000 लोगों को सुरक्षित किया गया है। दूसरी ओर धुएं की वजह से कनाडा और अमेरिका के कुछ हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। अमेरिका के नॉर्थ डकोटा, मोंटाना, मिनेसोटा और साउथ डकोटा में हवा खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है।
सूखा मौसम बनी बड़ी चुनौती
फ्लिन फ्लॉन और अन्य इलाकों में बिगड़े हालात
रहने के लिए करना पड़ रहा संघर्ष
मीडिया रिपोर्ट की माने तो आग के चलते अपना घर छोड़ दूसरे स्थान पर भेजे गए लोगों को रहने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कारण है कि विनिपेग और अन्य शहरों में होटल पूरी तरह भर चुके हैं। मैनिटोबा के आदिवासी नेताओं ने सरकार से आग्रह किया है कि होटलों को प्राथमिकता से विस्थापितों के लिए खोला जाए। वहीं कई अधिकारियों का तो ये भी कहना है कि यह 1990 के दशक के बाद मैनिटोबा में सबसे बड़ी निकासी है।
ये भी पढ़ें:- Poland Elections: राष्ट्रपति चुनाव में कांटे की टक्कर, दोनों उम्मीदवारों ने किया जीत का दावा; नतीजों का इंतजार
कनाडा में आग का मौसम
गौरतलब है कि कनाडा की जंगल की आग का मौसम मई से सितंबर तक चलता है। इससे पहले 2023 में सबसे भयानक आग लगी थी, जिससे पूरा उत्तर अमेरिका महीनों तक जहरीले धुएं से जूझता रहा था। स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है और आग पर काबू पाने के लिए भारी प्रयास किए जा रहे हैं।