इस्राइल आतंकी संगठन हमास को खत्म करने के लिए लगातार गाजा पट्टी पर हमले कर रहा है। सात अक्तूबर को शुरू हुई जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच, गाजा में बिगड़ते हालात को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने मानवीय मदद के लिए एक प्रस्ताव पास किया गया है, जिसके जरिए लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा सकेगी। हालांकि, इस प्रस्ताव को अपनाने को लेकर गाजा में फलस्तीन के ही दो संगठनों में सहमति बनती नहीं दिख रही है। फलस्तीनी विदेश मंत्रालय और हमास ने एक दूसरे से अलग बयान जारी किए हैं।
फलस्तीन के विदेश मंत्रालय का बयान
फलस्तीनी विदेश मंत्रालय ने प्रस्ताव को सही कदम बताया। उसका कहना है कि यह प्रस्ताव हमले को समाप्त करने, सहायता के पहुंचने को सुनिश्चित करने और फलस्तीनी लोगों की रक्षा करने में मदद करेगा। मंत्रालय ने आगे कहा, 'हम इसे एक ऐसा कदम मान रहे, जिससे गाजा पट्टी में हमारे लोगों के दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।'
हमास का विरोध
हालांकि, दूसरी ओर गाजा को चलाने वाले हमास ने इस प्रस्ताव का विरोध जताया है। उसने इसे लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त कदम बताया। हमास ने कहा, 'पिछले पांच दिनों के दौरान अमेरिका ने इस प्रस्ताव को कमजोर करने के लिए काफी मेहनत की है। यह हमारे असहाय फलस्तीनी लोगों के खिलाफ इस्राइल के हमले को रोकने में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र महासभा की इच्छा की अवहेलना करता है।
अमेरिका ने बनाई दूरी
गौरतलब है, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव अपनाया, जिसमें पूरे गाजा पट्टी में मानवीय सहायता की तत्काल और निर्बाध डिलीवरी और इस्राइल-हमास के बीच शत्रुता तत्काल खत्म करने का आह्वान शामिल है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव पर कई दिनों की देरी के बाद शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में मतदान हुआ। यूएनएससी के कुल 15 सदस्य देशों में से 13 ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि अमेरिका और रूस ने मतदान से खुद को अलग रखा।
यह है प्रस्ताव में मांग
यूएई के प्रस्ताव में मांग की गई है कि संघर्ष में शामिल पक्ष पूरे गाजा पट्टी में फलस्तीनी नागरिकों तक सीधे मानवीय सहायता की तत्काल, सुरक्षित और निर्बाध डिलीवरी की अनुमति दें और इसके लिए सुविधा प्रदान करें। साथ ही मानवीय सहायता तक सुरक्षित पहुंच के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया गया है। प्रस्ताव में इस्राइल-हमास के बीच संघर्ष की स्थायी समाप्ति के लिए माहौल तैयार करने का भी आह्वान किया गया है। प्रस्ताव में संघर्ष में शामिल पक्षों से सीमा पार सहित पूरे गाजा पट्टी के लिए सभी उपलब्ध मार्गों के उपयोग की अनुमति देने और सुविधा प्रदान करने की मांग की गई है।
10 हफ्तों में 20,057 फलस्तीनियों की मौत
इस्राइल-हमास युद्ध में भुखमरी दूर करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मानवीय सहायता बढ़ाने के प्रस्ताव पर मतदान से पहले इस्राइली बलों ने शुक्रवार को मध्य गाजा में नए हमले बढ़ा दिए। इस सप्ताह युद्धविराम पर मिस्र में जारी कोशिशों के बीच इस युद्ध में सात अक्तूबर से अब तक 20,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को यह आंकड़ा 20,057 दर्ज किया गया।
हमास शासित गाजा पट्टी में स्वास्थ्य अधिकारियों ने उक्त आंकड़ा जारी करते हुए कहा कि इस युद्ध में महज 10 हफ्तों से अधिक समय पहले शुरू हुई लड़ाई में गाजा के करीब 85 फीसदी से अधिक लोग विस्थापित हो गए और एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है। मृतकों की यह संख्या क्षेत्र की युद्ध से पहले की आबादी का एक प्रतिशत है, जबकि घायलों की तादाद 53,320 है। इस्राइली सेना ने शुक्रवार को मध्य गाजा में अल-ब्यूरिज के निवासियों को तुरंत दक्षिण की ओर जाने का आदेश दिया, जो जमीनी हमले के एक नए फोकस का संकेत देता है जिसने पहले ही पट्टी के उत्तर को तबाह कर दिया है और दक्षिण में घुसपैठ की एक शृंखला बनाई है।