पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर स्थित मस्जिद को निशाना बनाने की साजिश अफगानिस्तान में रची गई थी और उनकी खुफिया एजेंसी ने इसका वित्त पोषण किया था। यह जानकारी इस आत्मघाती हमले की जांच करने वाली पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों ने मंगलवार को दी। इस हमले में 101 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से ज्यादा अन्य लोग घायल हो गए थे। जांच अधिकारियों ने बताया कि यह साजिश काबुल स्थित खुफिया एजेंसी द्वारा वित्त पोषित की गई थी। धमाके में इस्तेमाल मोटरसाइकिल को पेशावर के भीड़भाड़ वाले सरकी गेट बाजार में दो बार बेचा गया था। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पुलिस प्रमुख मोअज्जम जाह अंसारी ने कहा कि आत्मघाती की पहचान उसके डीएनए नमूनों के जरिये की गई है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में बिजली संकट गहरा गया है। गिलगित में हालात इतने खराब हैं कि शहर के कई इलाकों में बिजली न होने के कारण पिछले एक हफ्ते से लोग अंधेरे में ही रह रहे हैं। बिजली कटौती के हालात सरकार के काबू से बाहर निकलने के कारण स्थानीय नागरिक सरकार के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, बिजली आपूर्ति बहाल न होने तक प्रदर्शनकारियों ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए प्रदर्शनों के दौरान राजमार्गों को पूरी तरह जाम करने का एलान किया है। इसके अलावा लोग तेजी से बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ भी विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। ये प्रदर्शनकारी पिछले कई माह से सेना की मनमानी का भी विरोध कर रहे हैं। सेना पर बड़े पैमाने पर जमीन कब्जाने और खनिज खदानों को हड़पने के आरोप लगाए गए हैं। यही नहीं बल्कि आर्थिक गलियारे के नाम पर चीन और पाकिस्तान के व्यापारिक घरानों द्वारा इस क्षेत्र की अनदेखी व स्थानीय संसाधनों को लूटने के आरोप भी लगाए गए हैं। द टाइम्स ऑफ इस्राइल के अनुसार, गिलगित-बाल्टिस्तान में सेना द्वारा जमीन कब्जाने पर लोग प्रशासन और संघीय सरकार का विरोध कर रहे है।