चीन की सेना ने ऐसे निशाने तैयार किए हैं, जो अमेरिकी लड़ाकू जहाजों से मिलते-जुलते हैं। चीन ने अभ्यास के लिए ये प्रतिकृतियां अपने शिनजियांग प्रांत के तकलामाकन रेगिस्तान में बनाई हैँ। इन प्रतिकृतियों की तस्वीरें अमेरिका को उपग्रह से प्राप्त हुई हैं। बताया जाता है कि चीन की सेना इन निशानों को नष्ट करने का अभ्यास कर रही है।
दक्षिण चीन सागर को चीन अपना प्रभाव क्षेत्र मानता है। लेकिन अमेरिका उसके इस दावे को स्वीकार नहीं करता। ताइवान को हालांकि अमेरिका चीन का हिस्सा मानता है, लेकिन हाल में इस बारे में उसकी नीति में बदलाव के संकेत मिलते रहे हैं। इसे लेकर चीन के साथ उसका टकराव बढ़ा है। इसी पृष्ठभूमि में चीन की तैयारियों को देखा जा रहा है।
अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस.कॉम की एक रिपोर्ट में उपग्रह से हासिल तस्वीरों का विवरण दिया गया है। इन तस्वीरों के मुताबिक चीन ने ठीक उसी आकार के लड़ाकू जहाजों की प्रतिकृतियां तैयार की हैं, जिस आकार के बेड़े अमेरिका ने उस क्षेत्र में भेजे हैं। उन प्रतिकृतियों पर वैसी ही मिसाइलें लगी दिखी हैं, जैसी मिसाइलें अमेरिकी बेड़ों पर तैनात हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक उन नकली बेड़ों को रेल पटरी पर रखा गया है, ताकि उन्हें चला कर वैसी सूरत बनाई जा सके, जैसा समुद्र में बेड़ों के चलने पर देखने को मिलती है। इससे चलते बेड़ों पर हमले की तैयारी बेहतर ढंग से की जा सकती है। अमेरिकी नौसेना के एक स्वतंत्र अध्ययन में कहा गया है कि बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले निशानों को सामने रख कर अभ्यास करने से बिल्कुल असली युद्ध जैसा नजारा पैदा हो सकता है। अनुमान लगाया गया है कि चीन ने जो निशाने तैयार किए हैं, उन पर असली सेंसर लगाए गए हो सकते हैं, ताकि युद्ध के समय आने वाले चुनौतियों का बेहतर अंदाजा लग सके।