Bangladesh Tarique Rahman: स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रविवार (22 फरवरी) को बांग्लादेश सेना के शीर्ष स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ, जिसमें एक नए चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (सीजीएस) की नियुक्ति भी शामिल है।
बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के साथ-साथ कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई जा रही है। इस कड़ी में अब सेना के शीर्ष स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सेना मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (सीजीएस) समेत कई अहम पदों पर बदलाव किए गए हैं।
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यह फेरबदल प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नई सरकार के 17 फरवरी को सत्ता संभालने के कुछ ही दिनों बाद किया गया है। 'ढाका ट्रिब्यून' के अनुसार इन तबादलों का असर रणनीतिक कमानों और देश की प्रमुख सैन्य खुफिया एजेंसी पर भी पड़ा है।
लेफ्टिनेंट जनरल एम मैनूर रहमान को नए CGS नियुक्त
दैनिक समाचार पत्र प्रोथोम आलो ने रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल एम मैनुर रहमान को सीजीएस के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि वे पहले सेना प्रशिक्षण और सिद्धांत कमान (एआरटीडीओसी) के प्रमुख यानी जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) के रूप में कार्यरत थे। फेरबदल के अनुसार प्रधान स्टाफ अधिकारी (पीएसओ), लेफ्टिनेंट जनरल एसएम कामरुल हसन के स्थान पर हाल ही में पदोन्नत लेफ्टिनेंट जनरल मीर मुशफिकुर रहमान को नियुक्त किया गया है।
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हसन को विदेश में राजदूत के रूप में नियुक्त किए जाने के लिए विदेश मंत्रालय से जोड़ा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी को सेना खुफिया महानिदेशालय (डीजीएफआई) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। वर्तमान में सेना मुख्यालय में ब्रिगेडियर जनरल के पद पर कार्यरत, मेजर जनरल के पद पर पदोन्नति होने पर वे यह पदभार ग्रहण करेंगे।
हाफिजुर रहमान को स्वदेश बुलाकर नई जिम्मेदारी
भारत में बांग्लादेश उच्चायोग के रक्षा सलाहकार, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हाफिजुर रहमान को मेजर जनरल के उच्च पद और दर्जे के साथ एक पैदल सेना डिवीजन के जीओसी के रूप में कार्यभार संभालने के लिए वापस बुलाया गया। बता दें कि बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने 12 फरवरी को हुए आम चुनावों में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। 60 वर्षीय रहमान ने 17 फरवरी को शपथ ली, जिससे मुहम्मद यूनुस के 18 महीने के शासन का अंत हुआ।