यूरोपीय आयोग ने अमेरिका से पूरा स्पष्टीकरण मांगा है और कहा है कि उसे अपने व्यापारिक वादों का पालन करना चाहिए। आयोग की ओर से यह बयान तब आया, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए कुछ बड़े टैरिफ को रद्द कर दिया।
ट्रंप ने शनिवार को कोर्ट के फैसले की आलोचना की और कहा कि वह वैश्विक टैरिफ को 10 से बढ़ाकर 15 फीसदी करना चाहते हैं। यूरोपीय आयोग ने कहा कि मौजूदा स्थिति न्यायसंगत, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी ट्रांस अटलांटिक व्यापार और निवेश के अनुकूल नहीं है, जैसाकि अगस्त 2025 में यूरोपीय संघ और अमेरिका की संयुक्त घोषणा में तय हुआ था।
पिछले साल अमेरिका और यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने एक व्यापार समझौते पर मुहर लगाई थी। इसके तहत अमेरिका में निर्यात होने वाले 70 फीसदी यूरोपीय सामान पर 15 फीसदी टैरिफ लगाया गया। यूरोपीय आयोग 27 सदस्य देशों के लिए व्यापार मामलों को संभालता है।
रविवार को एक यूरोपीय संघ के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा कि वह यूरोपीय संसद की वार्ता टीम के सामने इस समझौते की पुष्टि की प्रक्रिया को फिलहाल रोकने का प्रस्ताव रखेंगे।
'टैरिफ से स्थिति पूरी तरह अराजक'
यूरोपीय संसद की अंतरराष्ट्रीय व्यापार समिति के अध्यक्ष बर्न्ड लैंगे ने सोशल मीडिया पर लिखा, अमेरिकी प्रशासन की ओर से टैरिफ को लेकर पूरी तरह अराजक स्थिति है। अब कोई समझ नहीं पा रहा है। सिर्फ सवाल और अनिश्चितता बढ़ रही है।
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ईयू और अमेरिका के बीच कितना व्यापार?
ईयू के सांख्यिकी विभाग यूरोस्टेट के अनुसार, 2024 में ईयू और अमेरिका के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार 1.7 ट्रिलियन यूरो (करीब दो ट्रिलियन डॉलर) का था, यानी रोजाना औसतन 4.6 अरब यूरो का व्यापार।
तय सीमा से ज्यादा टैरिफ नहीं लगना चाहिए: यूरोपीय आयोग
यूरोपीय आयोग ने कहा, समझौता तो समझौता होता है। अमेरिका ईयू का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि वह संयुक्त बयान में किए गए वादों का पालन करेगा। ईयू अपने वादों पर कायम है। ईयू के उत्पादों पर पहले से तय सीमा से ज्यादा टैरिफ नहीं लगाया जाना चाहिए।