तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले ईरोड रैली में एआईएडीएमके प्रमुख पलानीस्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम को ‘बी-टीम’ बताया। साथ ही सीएम स्टालिन पर तमिलनाडु के आठ करोड़ लोगों का शोषण करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं उन्होंने डीएमके पर परिवारवादी राजनीति का भी आरोप लगाया।
तमिलनाडु में इस साल होने वाले विधानसभा के चुनाव को लेकर राज्य की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों की तैयारियां और आरोप-प्रत्यारोप की भी सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इसी बीच ईरोड में रविवार को ईरोड में हुई रैली में एआईएडीएमके (AIADMK) के महासचिव के पलानीस्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम (ओ.पी.एस) पर तीखे हमले किए और सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके के खिलाफ जमकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ‘बी-टीम’ होने का आरोप ओ.पी.एस पर सही साबित हुआ और जिन्होंने भी एआईएडीएमके को धोखा दिया और पार्टी से बाहर हो गए।
पलानीस्वामी ने कहा कि ओ.पी.एस ने अब डीएमके में शरण ली है, जिसे एआईएडीएमके संस्थापक एम.जी.आर. ने ‘दुष्ट ताकत’ बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके के उकसावे पर ओ.पी.एस ने एआईएडीएमके नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए, लेकिन वे कानूनन नाकाम रहे।
डीएमके पर लगाए परिवारवादी राजनीति करने का आरोप
एआईएडीएमके प्रमुख ने कहा कि सामान्य कार्यकर्ता भी एआईएडीएमके में चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बन सकते हैं, लेकिन डीएमके में सिर्फ करुणानिधि के परिवार के लोग ही ऊंचे पदों पर पहुंचते हैं। उन्होंने डीएमके पर परिवारवादी राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि एक परिवार आठ करोड़ लोगों का शोषण कर रहा है और एआईएडीएमके का लक्ष्य यही परिवार हराना है।
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पलानीस्वामी ने ओ.पी.एस को बताया स्वार्थी
पलानीस्वामी ने रैली में कहा कि हम अपनी पार्टी की रक्षा करेंगे, लेकिन आपकी पार्टी की कोई रक्षा नहीं कर सकता क्योंकि आपने खुद स्वार्थी ओ.पी.एस को स्वीकार किया। उन्होंने डीएमके को कांग्रेस का ‘गुलाम’ करार दिया और याद दिलाया कि करुणानिधि के समय भी कांग्रेस ने डीएमके को दबाया। रैली में पलानीस्वामी ने डीएमके पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या एक परिवार की सत्ता के कारण आम लोग इसकी कीमत चुकाते रहेंगे और क्या ऐसी पार्टी को सत्ता में बने रहने देना सही है।