तालिबान प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मुल्ला अब्दुल गनी बरादरी (मध्य) के साथ
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तालिबान ने युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में शासन व्यवस्था संभालने के लिए मंगलवार को राष्ट्रपति व अमीरों की बजाय एक 12 सदस्यीय परिषद के गठन की घोषणा की। एक वरिष्ठ तालिबान अधिकारी ने स्पूतनिक न्यूज एजेंसी से कहा, इस परिषद में सात सदस्यों के नाम पर सहमति बन गई है।
इस परिषद में राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार व तालिबान के सह संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के अलावा तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला याकूब, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, पिछली सरकार में तालिबान व अन्य विपक्षी गुटों के साथ वार्ता के लिए गठित राष्ट्रीय सुलह उच्च परिषद के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला, प्रतिबंधित हक्कानी आतंकी नेटवर्क का शीर्ष नेता व अमेरिका की तरफ से 50 अरब डॉलर का इनामी खलील-उर-रहमान हक्कानी, पूर्व अफगान गृह मंत्री हनीफ अतमार और तालिबान के साथ विभिन्न विपक्षी गुटों की सुलह कराने वाला इस्लाम पार्टी का नेता ‘काबुल का कसाई’ गुलबुद्दीन हिकमतयार शामिल हैं।
बाकी पांच सदस्यों का नाम तय होना बाकी है। हालांकि सूत्रों ने कहा कि अफगान नेशनल आर्मी मार्शल अब्दुल रशीद दोस्तम और बल्ख के पूर्व गवर्नर अता मोहम्मद नूर परिषद में शामिल नहीं होंगे। तालिबान ने अभी तक इस परिषद के गठन की अधिकृत घोषणा नहीं की है।